विन्ध्य प्रदेश को छल कपट से तोड़ दिया गया: नारायण

सिंगरौली 17 जुलाई। किसी भी सरकार से बिना भय व दबाव से परे पृथक विंध्य प्रदेश की मांग का आंदोलन कर रहा हूँ, विंध्य प्रदेश को छल कपट से तोड़ दिया गया था लेकिन एक भी शर्ते और वादे अमल में नही लाये गए।जिससे विंध्य क्षेत्र आजादी के 75 साल बाद भी पिछड़ा और उपेक्षित नजर आ रहा है। यहाँ का हजारों करोड़ रुपये के टैक्स से प्रदेश के दूसरे क्षेत्र जगमगा रहे हैं, लेकिन यहां के लोग शोषित कुपोषित और बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं। यदि हमारा विंध्य प्रदेश और पूरा टैक्स वापस दे दे तो हम उस टैक्स से अपने प्रदेश का विकास कर दूसरे प्रदेशों की मदद करते।

उक्त बातें मैहर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक एवं विंध्य प्रदेश निर्माण समिति भोपाल के संरक्षक नारायण त्रिपाठी ने सिंगरौली प्रवास के दौरान आज शुक्रवार को दोपहर सर्किट हाउस बैढऩ में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान व्यक्त करते हुए कही। उन्होंने कहा कि विन्ध प्रदेश से प्रत्येक वर्ष हजारों करोड़ रुपये का बजट जाता है, लेकिन यहां अच्छी हॉस्पिटल, स्कूल, सड़कें, हवाई यात्रा, भोपाल तक की ट्रेन सुविधाओं का बेहद अभाव है। यहां पॉवर हाउस तो है,लेकिन पर्याप्त बिजली नही मिलती, मनमानी कटौती की जाती है, हरियाणा-तमिलनाडु के लोगों को काम है, लेकिन सिंगरौली के युवाओं को रोजगार, नौकरी नहीं नसीब हो रही है।

वहीं विधायक ने शिवराज सरकार के कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के कदमताल प्रदेश में नगरीय निकाय चुनावों में पार्षदों से महापौर, अध्यक्ष का चुनाव और 27 प्रतिशत ओबीसी कोटे में आरक्षण देने के फैसलों पर कहा कि अभी वह दलगत राजनीति से ऊपर पृथक विंध्य प्रदेश की मांग पर केंद्रित है। यहा बताते चलें कि प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने नगरीय निकायों के चुनाव में महापौर अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों से कराने का निर्णय लिया था और ओबीसी कोटे में 27 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया था, लेकिन विपक्ष में रही भाजपा ने उक्त निर्णय का जमकर हंगामा किया था लेकिन अब वह उसी निर्णय पर आगे बढ़ती दिख रही है। इस मौके पर श्री त्रिपाठी ने सर्किट हाउस में सामाजिक संगठनों के लोगों से पृथक विंध्य प्रदेश पर चर्चा की।

विन्ध्य का नेतृत्व बेहद कमजोर,सांसद,विधायक लाचार

अपने बलबूते राजनीतिक वजूद कायम कर लगातार मैहर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित विधायक श्री त्रिपाठी ने आज पत्रकारों से कहा कि केन्द्र व प्रदेश की राजनीति में विन्ध क्षेत्र का नेतृत्व बेहद कमजोर है। यहा से सांसद, विधायक विकास के मुद्दों को उठाने में नेतृत्व के आगे लाचार और मजबूर हैं। उन्हें टिकट कटने का भय सताता रहता है। मंत्री नहीं बनाये जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से साफ कह दिया है कि मुझे मंत्री नहीं बनना है मेरा विंध्य प्रदेश लौटा दीजिए।

यूपी में पूर्वांचल और बुंदेलखंड के दो नये प्रदेश बनेंगे

पृथक विंध्य प्रदेश के आंदोलन को लेकर सिंगरौली पहुंचे श्री त्रिपाठी ने बताया कि केन्द्र सरकार यूपी में पूर्वांचल और बुंदेलखंड प्रदेश की सुगबुगाहट चल रही है, जो 2022 से 2024 तक अस्तित्व में आ सकते हैं। इसलिए विंध्य प्रदेश की मांग को लेकर रीवा,सतना, शहडोल सिंगरौली-सीधी और भोपाल में 5 बड़े आंदोलन किये जायेंगे। भोपाल में विंध्य क्षेत्र के दो लाख लोगों का बड़ा आंदोलन होगा। जिसमें सिंगरौली के लोगों के साथ मीडिया को भी आमंत्रित किया गया है।

डेस्क रिपोर्ट

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