SINGRAULI : जिले में एक भी नहीं है विशेषज्ञ चिकित्सक, भगवान भरोसे है प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र

सिंगरौली 1 अक्टूबर । जिले के सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों में स्टाफ का इस कदर टोटा है कि महिला बहु उद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता संविदा के करीब 160 पद खाली पड़े हुए हैं। वहीं जिले में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं। यह हम नहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के दफ्तर का आंकड़ा बता रहा है।

गौरतलब हो कि जिले की चिकित्सकीय व्यवस्था बेपटरी पर है। इसका मुख्य वजह स्टाफ की कमी व लुंज-पुंज व्यवस्था मानी जा रही है। आलम यह है कि जिले में जिला स्वास्थ्य अधिकारी,टीकाकरण, क्षय एवं कुष्ठ जैसे अधिकारियों के पद वर्षों से रिक्त पड़े हुए हैं। तो वहीं कई सीएचसी प्रभार पर हैं। वहीं चिकित्सा अधिकारी, विशेषज्ञ, स्टाफ नर्स नियमित, संविदा, एएनएम नियमित व संविदा,फार्मासिस्ट, लैब टेक्रीशियन जैसे स्वास्थ्य सेवकों के पद रिक्त पड़े हैं। इन पदों के पूर्ति के लिए राज्य सरकार ने ज्यादा जहमत नहीं उठाया। लिहाजा वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में पद खाली है।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

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सबसे हैरानी की बात है कि जिले में विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारियों के 27 पद मंजूर है और एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। यह समस्या जिला गठन के बाद से ही बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों के चलते ग्रामीण अंचलों की चिकित्सकीय व्यवस्था भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। वहीं सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकीय व्यवस्था लुंज-पुंज होने के कारण निजी नर्सिंग होम क्लीनिक व झोलाछाप चिकित्सकों का शरण लेने के लिए मजबूर हैं। फिलहाल जिले के स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ का टोटा होने से जिम्मेदार अधिकारी भी यही रोना रोते हुए अपने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ ले रहे हैं। जिले में सैकड़ों पद रिक्त होने व उसकी पूर्ति के लिए प्रदेश सरकार प्रयास भी नहीं कर रही है। जिसके चलते समूचा जिले की चिकित्सकीय व्यवस्था आईसीय में है।

जिला अस्पताल
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जिले में डेढ़ सौ से अधिक एएनएम के पद हैं खाली

जिले में संविदा एएनएम के करीब 160 पद खाली पड़े हुए हैं। जानकारी के मुताबिक जिले में संविदा एएनएम 231 पद स्वीकृत है जिसके विरूद्ध 72 पद भरे गये हैं। अनुमानत: 32 प्रतिशत ही उक्त पद की पूर्ति हो पायी है। जब 68 प्रतिशत स्टाफ न हो ऐसे में व्यवस्था कितनी सुदृढ़ होगी इसी से अंदाजा लगाया जा रहा है। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही बेपटरी पर है और अब कोरोना काल में भी ग्रामीण अंचलों की हालत चिंताजनक है। जिले के स्वास्थ्य विभाग में खाली पड़े पदों की पूर्ति के लिए जनप्रतिनिधि भी आवाज नहीं उठा रहे हैं। जिसके चलते प्रदेश सरकार भी चुप्पी साधे हुए है और सरकार की चुप्पी का खामियाजा आमजनों को भुगतना पड़ रहा है।

इनका कहना है
जिले में स्टाफ की समस्या है फिर भी जितने स्टाफ हैं उन्हीं से कार्य लिया जा रहा है। इस संबंध में वरिष्ठ कार्यालय के संज्ञान में है। चिकित्सकीय व्यवस्था बेहतर हो इसके लिए प्रयास किये जा रहे हैं।
डॉ.एनके जैन,सीएमएचओ

जिले के स्वास्थ्य विभाग में स्वीकृत व रिक्त पदों की स्थिति

क्र. पद नाम स्वीकृत कार्यरत रिक्त
1 जिला स्वा. अधिकारी 2 0 2
2 जिला टीकाकरण अधिकारी 1 0 1
3 जिला क्षय अधिकारी 1 0 1
4 जिला कुष्ठ अधिकारी 1 0 1
5 खण्ड चिकित्सा अधिकारी 3 1 2
6 विशेषज्ञ 27 0 27
7 चिकित्सा अधिकारी 36 23 13
8 स्टाफ नर्स (नियमित/संविदा) 57 38 19
्र9 ए.एन.एम. (नियमित) 161 159 2
10 ए.एन.एम (संविदा) 231 72 159
उप स्वास्थ्य केन्द्र 227,एनआरसी 4
11 फार्मासिस्ट 26 9 17
12 लैब टेक्नीशियन 22 14 8

डेस्क रिपोर्ट

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