Singrauli कहां से पहुंचा सैकड़ों ट्राली रेत ? चौकी प्रभारी व सोन घडिय़ाल का अमला बना अंजान

सिंगरौली 2 अक्टूबर। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के सख्त निर्देश के बावजूद पुलिस चौकी क्षेत्र नौडिहवा के सोन नदी से रेत का उत्खनन परिवहन व्यापक पैमाने पर शुरू हो गया है। जिसमें चौकी प्रभारी व उनके कार खास आरक्षक व सोन घडिय़ाल अभ्यारण्य के कर्मियों की भूमिका संदिग्ध बतायी जा रही है और यह रेता यूपी के सोनभद्र जिले में खपाई जा रही है।

गौरतलब हो कि प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कड़े शब्दों में जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया है कि किसी भी हालत में अवैध गौण खनिज का उत्खनन, परिवहन नहीं होना चाहिए, यदि इसकी शिकायत मिली तो इसकी जबावदेही कलेक्टर, एसपी पर तय की जावेगी। बावजूद इसके नौडिहवा पुलिस चौकी क्षेत्र के बरवाडीह सोन नदी से शाम ढलते ही रात करीब 9 बजे से रेत का कारोबार शुरू हो जा रहा है और इस उत्खनन व परिवहन में टै्रक्टर, टिपर रातभर लगे रहते हैं।

हैरानी की बात है कि एमपी से यूपी जाने वाले झरकटा मार्ग में पुलिस गश्त करने से परहेज कर रही है। जहां बरवाडीह में सैकड़ों ट्राली रेत का अवैध भण्डारण हुआ है और रेत के इस भण्डारण पर पुलिस व सोन घडिय़ाल की नजरें ओझल हो जा रही हैं। तो वहीं यूपी के बार्डर पर ट्रैक्टरों से रेत पहुंचाया जा रहा है। चर्चा है कि इस कारोबार में नौडिहवा चौकी के इंचार्ज के खासम खास आरक्षक भैयालाल यादव का नाम सबसे ऊपर लिया जा रहा है। जहां वह तीन वर्षों से इसी चौकी में कार्यरत हैं।

चर्चित आरक्षक के संदिग्ध भूमिका पर भी सवाल खड़े किये जा रहे हैं। वहीं दिनों-दिन रेत माफियाओं के हौसले भी बुलंद हो रहे हैं। फिलहाल नौडिहवा चौकी क्षेत्र के सोन नदी से रेत की अवैध निकासी व परिवहन को लेकर पुलिस एवं सोन घडिय़ाल के भूमिका पर सवाल खड़े किये जा रहे हैं। तो वहीं वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह कर आंख में धूल झोकने का काम कर रहे मैदानी खाकी बर्दी की कार्यप्रणाली से आमजनों में भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

सोन घडिय़ाल के रेंजर भी नहीं करते गश्त!

जानकारी के अनुसार सोन नदी बरवाडीह, क्योंटिली सोन नदी से रेत का अवैध उत्खनन परिवहन करीब एक पखवाड़े से शाम ढलते ही रेत माफिया शुरू कर दे रहे हैं। इसकी जानकारी सोन घडिय़ाल अभ्यारण्य के मैदानी अमले को भली-भांति है लेकिन सूत्र बताते हैं कि सोन घडिय़ाल के रेंजर इस क्षेत्र का दौरा भी नहीं कर रहे हैं। जिससे वे बेखबर हैं और पुलिस के ऊपर आश्रित हैं। नौडिहवा पुलिस जितना अवगत करा दे उसी से उनका काम चल जा रहा है। चर्चाएं यहां तक हैं कि सोन घडिय़ाल का मैदानी अमला व रेत कारोबारियों से बेहतर तालमेल होने के कारण उन पर कार्रवाई करने से परहेज कर रहे हैं।

सैनिक से बगदरा वासी तंग

बगदरा पुलिस चौकी में लंबे अर्से से पदस्थ एक सैनिक से ग्रामीण त्रस्त हैं। बताया जा रहा है कि वह इसी क्षेत्र का निवासी है। जहां दलाली के साथ-साथ अन्य उसकी गतिविधियां संदिग्ध रहती हैं। पुलिस कर्मी भी इसी के इशारे पर काम करते रहे हैं। चर्चाएं यहां तक हैं कि सैनिक लोगों को कार्रवाई का धौस दिखाकर जबरन वसूली भी करता रहता है। जिसकी जानकारी चौकी इंचार्ज को भली-भांति है, लेकिन सैनिक के आगे उनकी भी नहीं चल रही है। इसके पीछे राज क्या है यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा

डेस्क रिपोर्ट

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