Lalitpur-Singrauli : मुआबजा लेने के लिए कई सरकारी कर्मचारियों ने बनाये तीन मंजिला भवन

ललितपुर-सिंगरौली Lalitpur-Singrauli रेलवे लाइन भूमि अधिग्रहण Land acquisition की प्रक्रिया शुरू होते ही कई अधिकारी, कर्मचारियों ने अपने परिजनों, रिश्तेदारों के नाम बहु मंजिला भवन का निर्माण कार्य कराने में पीछे नहीं रहे। ऐसे चर्चित अधिकारी,कर्मचारियों के नाम अब धीरे-धीरे आने लगे हैं। जिसमें लोक निर्माण विभाग व एसडीएम का एक लिपिक सहित कई दर्जन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं

सिंगरौली 8 नवम्बर। ललितपुर-सिंगरौली Lalitpur-Singrauli रेलवे लाइन भूमि अधिग्रहण Land acquisition की प्रक्रिया शुरू होते ही कई अधिकारी, कर्मचारियों ने अपने परिजनों, रिश्तेदारों के नाम बहु मंजिला भवन का निर्माण कार्य कराने में पीछे नहीं रहे। ऐसे चर्चित अधिकारी,कर्मचारियों के नाम अब धीरे-धीरे आने लगे हैं। जिसमें लोक निर्माण विभाग व एसडीएम का एक लिपिक सहित कई दर्जन लोगों के नाम सामने आ रहे हैं।

गौरतलब हो कि प्रस्तावित ललितपुर-सिंगरौली रेलवे लाइन के भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया करीब तीन सालों से आरंभ है। तो वहीं अधिग्रहित भूमि में मुआवजा अधिक से अधिक पाने के लिए जुगाड़ भी जारी है। सूत्र बताते हैं कि देवसर के ऐसे कई अधिकारी,कर्मचारी हैं जिन्होंने रेलवे अधिग्रहण के लिए प्रस्तावित भूमि हर्रा चंदेल गांव में सबसे ज्यादा मकानों का निर्माण कार्य कराया है। मकानों का एरिया काफी लंबा-चौड़ा है। उनका मकसद केवल ज्यादा से ज्यादा मुआवजा हथियाना है।

सूत्र यहां तक बताते हैं कि अपने इस मकसद में सफल भी रहे हैं। हालांकि बीच-बीच में उनके इस कारगुजारियों के बारे में चर्चाएं खूब होती रही। लेकिन अधिकारियों ने उन पर शिकंजा कसने का प्रयास ही नहीं किया। लिहाजा ऐसे अधिकारी, कर्मचारियों का मनोबल और बढ़ता गया। सूत्रों ने आगे बताया कि ऐसे कथित अधिकारी, कर्मचारियों ने अपने परिजनों के नाम भूमि खरीदकर हवेलियों का निर्माण कार्य कराया है और जिन सरकारी अमले ने भूमि का क्रय नहीं कर पाये वे पट्टेधारियों से सांठ-गांठ बैठाकर अपने परिजनों, रिश्तेदारों के नाम से भवन का निर्माण कार्य कराने में सफल रहे हैं। अब ऐसे कथित अधिकारी, कर्मचारियों के लाखों, करोड़ों रूपये का मुआवजा भी तैयार हो गया है। जैसे-जैसे भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवजा बनकर तैयार हुआ धीरे-धीरे उनके काली करतूतों का पर्दाफास होने लगा है। देवसर क्षेत्र में इन दिनों सबसे ज्यादा इसी बात को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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लोनिवि का एक अधिकारी चर्चाओं में

देवसर के एक लोनिवि अधिकारी इन दिनों चर्चाओं में है। देवसर अंचल में चर्चा है कि लोनिवि का कथित अधिकारी हर्रा चंदेल गांव में रेलवे के द्वारा अधिग्रहित भूमि में एक-दो नहीं तीन-तीन लंबे चौड़े मकानों का निर्माण कार्य कराया है और भवनों का मुआवजा कई लाखों में बना है। हालांकि एक भवन को किसी ने जबरन कब्जा कर लिया है और उसे लाखों रूपये की चपत लगी है। यहां बताते चलें कि चर्चित अधिकारी वर्षाे से जिले में पदस्थ है। आरोप लग रहे हैं कि सरकार बदलते ही उसके रंग भी बदल जाते हैं। कांग्रेस के कार्यकाल में भी जिले में पदस्थ था और इसके पहले भी जिले में सेवाएं देता आ रहा है। कथित नेताओं का सबसे प्रिय व चहेता लोनिवि का माना जाता है। फिलहाल चर्चित अधिकारी मुआवजे को लेकर खूब सुर्खियां बटोर रहा है

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मकान बना नहीं और मुआवजा लाखों में

सिंगरौली से ललितपुर रेलवे लाइन के ग्राम पुरवा में आराजी नं.47 में मकान बना नहीं और किसी एक व्यक्ति के नाम करीब 40 लाख रूपये का मुआवजा बनकर तैयार है। उक्त भूमि स्वामी का आरोप है कि सर्वे करने वाले अमले ने अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने का कार्य किया है। आराजी में दूर-दूर तक मकान नहीं बना है और मौजूदा समय में धान की फसल है। फिर भी करीब 37 लाख रूपये का मुआवजा बनकर तैयार है। जबकि इसकी जानकारी भूमि स्वामी को भी नहीं है। आरोप है कि इसी तरह अन्य कई मकानों का निर्माण कागजों में हुआ है। धरातल पर खेती के अलावा कुछ भी नहीं है। ग्रामीणों ने कलेक्टर,भू-अर्जन अधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उक्त मामले की उच्च स्तरीय जांच कराये जाने की मांग की है।

डेस्क रिपोर्ट

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