रेत खदान पर प्रदर्शन करने पहुंचे ग्रामीण

सीधी 20 अक्टूबर सीधी जिले में लोगों को भवन निर्माण के लिए सहज सुलभ और उचित दर पर रेत मिल सके इसके लिए मध्यप्रदेश शासन द्वारा सीधी जिले में में मेसर्स सैनिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी को सीधी जिले की समस्त रेत खदानों का टेंडर दिया हुआ है, लेकिन उक्त कंपनी द्वारा खदानें चालू करने पर शासन के नियमों को दरकिनार करके एनजीटी के नियमों का उल्लंघन तो किया ही जा रहा है उपभोक्ताओं से मनमाने रेट भी वसूले जा रहे हैं और गांव के जरूरतमंद श्रमिकों को खदानों में रेत लोड करने का रोजगार भी नहीं दिया जा रहा है l जिससे जिले भर की रेत खदानों में ग्रामीणों का आक्रोश कंपनी के विरुद्ध उभर रहा है l इन्हीं सब समस्याओं को लेकर 17 अक्टूबर को सीधी जिले की सैनिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की डोल खदान में ग्रामीण धरना प्रदर्शन करने पहुंच गए धरना प्रदर्शन करने पहुंचे ग्रामीण रेत खदान में मशीनों द्वारा रेत का उत्खनन और रेत का लोड मशीनों से किए जाने का जमकर विरोध किया।

आंदोलन प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सिटी हलचल को अपनी समस्याओं की जानकारी दी और कहा कि कंपनी द्वारा हम श्रमिकों का शोषण किया जा रहा है और मशीनों से काम कराया जा रहा है जो उचित नहीं है। वही आंदोलन प्रदर्शन के दौरान मौके पर आए एसडीएम सिहावल बेक ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी और उनको आश्वासन दिया कि सैनिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से नियमों का पालन कराया जाएगा। ग्रामीणों का ज्ञापन लेने के बाद सिटी हलचल ने जब एसडीएम से सवाल किया कि शासन ने जब मशीनों से रेत उत्खनन और लोडिंग के लिए मनाही की हुई है तो फिर मौके पर मशीनें क्यों आई हुई है इनको यहां रहने की परमिशन क्यों दी जा रही है जिस पर एसडीएम ने कहा कि यह मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है और वह मीडिया केस सवालों का गोलमोल जवाब देने लगे और किसी तरह से अपना पल्ला छुड़ाकर वहां से निकल लिए।

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डोल खदान में धरना प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने मीडिया से कंपनी की भरुहि खदान चलकर किए जा रहे नियमों के उल्लंघन का अवलोकन करने की गुजारिश की जिसके बाद सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और कई मीडिया कर्मी जिले की भरुहि खदान में पहुंचे जहां शासन द्वारा कंपनी को 3 वर्ष के लिए खसरा नंबर 396 में जिसका रकबा 4800 हेक्टेयर है उक्त पर लीज स्वीकृत की है लेकिन देखने में यह आया कि कंपनी द्वारा मनमाने तौर पर पूरी नदी में मशीनें लगाकर भारी मात्रा में उत्खनन किया जा रहा है l यहां पर शासन द्वारा निर्धारित रकबे का भी पालन नहीं किया जा रहा है।

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जिले की भरुहि रेत खदान में मौजूद ग्राम के सरपंच उप सरपंच और ग्रामीणों द्वारा खदान में कवरेज करने पहुंची मीडिया की टीम को बताया गया कि यहां कंपनी द्वारा गांव के लोगों को रोजगार नहीं दिया जा रहा है और जिनको काम दिया जाता है कंपनी उनका शोषण कर रही है और उचित पारिश्रमिक नहीं दे रही है। सीधी जिले में रेत उत्खनन का काम कर रही सैनिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी द्वारा जिले की कई खदानों में शासन के ही नियमों की अनदेखी और अवहेलना की जा रही है इतना ही नहीं बड़ी बड़ी मशीने लगाकर एनजीटी के नियमों की खुली धज्जियां उड़ाई जा रही है और शासन की मंशा अनुसार ग्रामीणों को कोई रोजगार भी नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है जिसकी वजह से जिले भर में रोजगार के जरूरतमंद ग्रामीणों का आक्रोश अब उभर कर सामने आ रहा है और ग्रामीण अपना आंदोलन प्रदर्शन करने रेत खदानों में पहुंचने लगे हैं यदि शासन प्रशासन ने ग्रामीणों की समस्याओं और कंपनी द्वारा नियमों के किए जा रहे उल्लंघन पर ध्यान नहीं दिया और कार्यवाही नहीं की तो आने वाले दिनों में कोई बड़ी घटना सामने आ सकती है।

डेस्क रिपोर्ट

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