भूख से बिलख रहे बच्चों को नही मिली रोटी तो माँ ने उठाया खौफनाक कदम SINGRAULI NEWS

सिंगरौली 9 अक्टूबर। सरकार दावा करती है कि दो वक्त की रोटी अब सबको मिल रही है। देश की जनता भूखी नहीं है। लेकिन बीती रात सिंगरौली जिले के मोरवा थाना क्षेत्र के सिधार गांव में कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां पेट की क्षुधा मिटाने व दो वक्त की रोटी के लिए पति-पत्नी के बीच इस कदर विवाद बढ़ा कि पत्नी ने आक्रोश में आकर पति पर ही कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला बोलते हुए लहू लुहान कर दिया।

घटना की खबर लगते ही मोरवा पुलिस तत्परता दिखाते हुए स्थल पर पहुंच घायल को ईलाज के लिए मोरवा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया है। वहीं आरोपी पत्नी के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए मामले को विवेचना में ले लिया है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मान सिंह पिता रामबली सिंह गोंड़ उम्र 28 वर्ष निवासी सिधार व उसकी पत्नी हीरामती सिंह गोंड़ उम्र 24 वर्ष के बीच सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात तकरीबन 1 बजे घर में अन्न का एक तिनका न होने व बच्चे भूखे रहने को लेकर विवाद शुरू हुआ। इनका यह विवाद दो दिन से सिर्फ खाना को लेकर चल रहा था।

सांकेतिक तस्वीर
                                  सांकेतिक तस्वीर

रात में विवाद इनका इतना गहरा गया कि दोनों के बीच झपटी-झपटा होने लगा। आक्रोश में आकर मान सिंह की पत्नी हीरामती सिंह ने अपने सामने कुल्हाड़ी देखी और कुल्हाड़ी उठाकर मान सिंह के पैर में तीन प्रहार किया और एक गले पर। इतने में मान सिंह जमीन पर गिर पड़ा। यह घटना घटित होने के बाद महिला के भी होश उड़ गये। तत्काल पति को छोड़ पत्नी हीरामती फरार हो गयी। हल्ला-गुहार सुन आस-पड़ोस के लोग पहुंचे और उक्त घटना की जानकारी मोरवा पुलिस को दी गयी।

थाना मोरवा
                                            थाना मोरवा

मोरवा पुलिस मौके पर पहुंच 108 वाहन की मदद से घायल को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मोरवा में भर्ती कराया गया। घायल की शिकायत के बाद आरोपी महिला हीरामती सिंह गोंड़ निवासी सिधार के खिलाफ मोरवा पुलिस ने धारा 307 के तहत मामला दर्ज करते हुए मामले को विवेचना में ले लिया है। इधर बताया जाता है कि घटना कारित करने के बाद आरोपी महिला फरार बतायी जा रही है।

भूखे सोते थे पत्नी व छोटे-छोटे 4 बच्चे

सांकेतिक तस्वीर
                                सांकेतिक तस्वीर

बताया जाता है कि मान सिंह पेशे से ट्रेक्टर चालक था, किन्तु कभी कभार काम मिलता था। साथ ही अपने माता-पिता से अलग होकर पत्नी व 4 बच्चों के साथ रहता था। घर में कमाऊ सदस्य के रूप में सिर्फ मान सिंह था। लेकिन काम न मिलने की वजह से घर में खाने का एक तिनका भी नहीं रहता था। आये दिन इनको भोजन के लिए परेशान होना पड़ता था। यह भी बताया जाता है कि मान सिंह मौक ा पाते ही अपने माता-पिता के घर जाकर खाना खा लेता था, लेकिन घर में चार छोटे-छोटे मासूम बच्चे व उसकी पत्नी भूखे रहते थे। यह प्रक्रिया आये दिन इनके साथ होती रहती थी। मान सिंह की पत्नी हीरामती सिंह कहती भी थी कि अकेले जाकर अपने माता-पिता के घर खाकर आ जाते हो हमारे बच्चे व हम क्या खायें

तंगी हालत की यह बानगी

घायल पति
घायल पति

सिधार निवासी हीरामती सिंह गोंड़ आखिर अपने पति पर जानलेवा हमला बोलकर अपराधी कैसे बन गयी। तंगी हालत ने उसको सलाखों के पीछे जाने को मजबूर कर दिया। आज पति की अपराधी मानकर उसे समाज में किस नजरिये से देखा जायेगा। अपनी जिंदगी में वह एक दाग लगा ली। यह बानगी कहीं न कहीं सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है। क्योंकि सरकार दावा करती है कि अब कोई भूखा नहीं है। सब को दो वक्त की रोटी नसीब हो रही है। रोजगार के अवसर बढ़े हैं। पंचायतों में काम मिल रहा है। अगर मान सिंह को पंचायत में काम मिलता तो आज उसके घर कलह व जानलेवा हमला उसकी पत्नी ही न करती। कई ऐसे सवाल कुरौंध रहे हैं। इस तरह की घटनाएं झकझोर देती हैं कि आखिर आज भी दो वक्त की रोटी के लाले पड़े हुए हैं

डेस्क रिपोर्ट

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