पूर्व जनपद उपाध्यक्ष के यहां दूसरे दिन भी जारी रही लोकायुक्त की कार्यवाही

रीवा स्थित निवास पर लोकायुक्त की टीम ने की जांच, छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों की हो रही छानबीन

सीधी। जनपद पंचायत रामपुर नैकिन के पूर्व उपाध्यक्ष राकेश पाण्डेय के यहां आज दूसरे दिन भी लोकायुक्त पुलिस टीम रीवा की जांच कार्रवाई जारी रही। शुक्रवार को उनके गृह ग्राम भरतपुर में टीम द्वारा सुबह से लेकर देर रात तक जांच कार्रवाई की गयी थी। आज दूसरे दिन उनके रीवा स्थित माकान में लोकायुक्त टीम द्वारा दस्तावेजों को बारीकी से खंगालते हुए जांच की गयी। अब तक की जांच में मुख्य रूप से करीब डेढ़ करोड़ की संपत्ति सामनें आई है। आज शनिवार अवकाश होनें के कारण बैंकों एवं राजस्व विभाग से एफडी, एलआईसी बैंक खातों, कृषि भूमि, क्रय करनें आदि की जानकारी प्राप्त न होनें के कारण कुल संपत्ति का आकलन नहीं हो पाया है। पूर्व जनपद उपाध्यक्ष के घर से मिले दस्तावेजों को लोकायुक्त पुलिस के द्वारा गहन छानबीन की जा रही है। मंगलवार तक सारी स्थितियों से पर्दा उठनें की संभावना बतायी जा रही है। मिले दस्तावेजों की बारीकी से जांच होनें के बाद ही लोकायुक्त टीम पूर्व जनपद उपाध्यक्ष राकेश पाण्डेय के विरुद्ध की जा रही आय से ज्यादा सम्पत्ति की शिकायतों पर पूरी तरह से खुलासा कर पाएगी।


जनपद पंचायत रामपुर नैकिन के पूर्व उपाध्यक्ष राकेश पाण्डेय पद में रहते हुए अधिकांश सम्पत्ति क्रय की थी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2010-11 में पीके स्कूल के पीछे रीवा में एमआईजी माकान, ग्राम चोरगड़ी में लगभग साढ़े तीन एकड़ कृषि भूमि, स्विफ्ट डिजायर गाड़ी आदि क्रय किए थे। जनपद उपाध्यक्ष रहते राकेश पाण्डेय नें अपनें पुत्र एवं पुत्री को क्लैट की पढ़ाई में प्रतिवर्ष 4 से 5 लाख खर्च करते थे। उक्त राशि कहां से प्राप्त हुई इसकी भी जांच की जा रही है। राकेश पाण्डेय को जनपद उपाध्यक्ष के रूप में शासन से 1 लाख 68 हजार बतौर मानदेय प्राप्त हुआ था। किंतु पद में रहते हुए वह लाखों की सम्पत्ति अर्जित करनें के श्रोतों की भी जानकारी एकत्र की जा रही है।


राकेश पाण्डेय की पत्नी रमा पाण्डेय वर्ष 1994 से 1998 तक जनपद पंचायत रामपुर नैकिन के वार्ड भरतपुर से जनपद सदस्य भी थीं किन्तु जनपद सदस्य पद पर रहते हुए उन्होंने स्वयं शिक्षा कर्मी भर्ती प्रक्रिया सन् 1998 की समस्त कार्यवाही में अपने पदीय भूमिका से शामिल रहते हुए अपने आपको शिक्षाकर्मी वर्ग 3 के लिए चयनित कर लिया था। उनका यह कृत्य लोक सेवक के द्वारा पद का दुरुपयोग के दायरे में आता है। इसकी भी जांच लोकायुक्त के द्वारा की जाएगी। छापामारी के दौरान मिले रबड़ स्टाम्प एवं संदिग्ध दस्तावेजों की भी गहरायी से जांच की जा रही है।

डेस्क रिपोर्ट

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