नवागत सीएमएचओ ने दागी बीएमओ को दिया तोहफा

सिंंगरौली 20 सितंबर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की कुर्सी की जंग का मामला थमते ही फिर से एक बार नवागत स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एनके जैन ने दागी बीएमओ को वहीं का पदभार देकर फिर से सुर्खियों में आ गये हैं। तत्कालीन खुटार बीएमओ के ऊपर तत्कालीन सीएमएचओ ने कलेक्टर के निर्देश पर गंभीर किस्म की लापरवाही बरतने पर कई धाराएं दर्ज करवायी थी। वहीं वर्तमान सीएमएचओ जिस तरह से खुटार बीएमओ पर दरियादिली दिखाई है इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग में सीएमएचओ की कार्यप्रणाली को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होना शुरू हो गयी है।

गौरतलब हो कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खुटार के तत्कालीन बीएमओ डॉ.अभिरंजन सिंह अपने कार्यकाल के दौरान बीना जानकारी के 23 जून को बैढऩ खुटार से उत्तर प्रदेश के बलिया गये हुये थे। इसकी जानकारी किसी भी अधिकारी को नही दी थी और बलिया से एक जुलाई को वापस आये थे। तत्कालीन अपने परिवार के साथ बलिया गये हुये थे और परिवार के साथ ही वापस लौटे थे। सिंगरौली आने के बाद बीएमओ व उनकी पत्नी एवं भतीजो की तबीयत खराब हो गयी। तत्कालीन बीएमओ अपना व अपने पत्नी को कोरोना सैम्पल लेकर लैब मे भेज दिया।

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लैब में जांच उपरांत बीएमओ व उनकी पत्नी की कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आ गई। अपनी बीएमओ गिरी को बचाने के लिये बीएमओ ने ऐसी साजिश रची कि पत्नी के जगह महिला बाई और बाई के पति का नाम अपने जगह पर उल्लेख करा दिया। और जब कोरोना टीम बाई के घर पहुंची तो बाई हंगामा करने लगी कि जब मेरा सैम्पल ही नही लिया गया तो मेरी रिपोर्ट पाजिटिव कैसे आ गयी। काफी हंगामा होने के बाद तत्कालीन सीएमएचओ ने इसकी जानकारी एकत्रित की तो पता चला कि खुटार बीएमओ व उनकी पत्नी कोरोना पाजिटिव है। कई साक्ष्य छुपाने पर व प्रशासन को भ्रमित करने पर कलेक्टर के निर्देश में तत्कालीन सीएमएचओ ने बीएमओ खुटार डॉ.अभिरंजन सिंह के खिलाफ कार्रवाही करने के निर्देश कोतवाली पुलिस को दी।

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इस दौरान मामला दर्ज होने के बाद खुटार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का प्रभार डॉ.अभिरंजन सिंह से छीन कर डॉ.महेन्द्र पटेल को दे दिया गया। लेकिन डॉ.महेन्द्र पटेल दो वर्ष के लिये प्रशिक्षण करने चले गये। मौका मिलते ही वर्तमान सीएमएचओ डॉ.एनके जैन ने दरियादिली दिखाते हुये दागी बीएमओ डॉ.अभिरंजन सिंह को फिर से खुटार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का प्रभार देकर सुर्खियों में आ गये।

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इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ था मामला

सीएमएचओ के प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीआई अरूण कुमार पाण्डेय ने बीएमओ खुटार के विरूद्ध कोरोना महामारी के प्रचार को रोकने के लिए एक सक्षम अधिकारी होने के बाद भी गंभीर किस्म की लापरवाही बरते थे व स्वास्थ्य अमले के साथ-साथ अन्य विभाग के अमलों के साथ संव्यवहार किया था जिससे कोरोना संक्रमण रोकने में लापरवाही बरती, होम क्वारेंटाइन नियमों का उल्लंघन करने, महामारी के फैलाव के संबंध में उपेक्षापूर्ण आचरण करने पर भादवि की धारा 269, 270,271,419, महामारी अधिनियम 1897 की धारा 3,4 तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51,52,54 के तहत प्रकरण दर्ज किया था।

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बीएमओ के साजिश का हुआ था पर्दाफास

अपनी कुर्सी बचाने के लिए खुटार बीएमओ ने ऐसा साजिश रचने का प्रयास किया
था जो सुनने वाले भी अचरज मानते हुए हैरान थे। उन्होंने छल कपट करते हुए कोरोना जैसे गंभीर महामारी को भी नजर अंदाज करने का भरपूर प्रयास किया था, लेकिन उनकी मंशा धरी की धरी रह गयी थी। सेम्पल में पत्नी के बदले नौकरानी को बेवजह परेशान किया था। सूत्र बताते हैं कि उनकी नौकरानी भी इस बात के लिए आश्चर्य चकित में थी कि घर की पूरी जिम्मेदारी संभालने के बावजूद बीएमओ ने ऐसी सजा क्यों दे रहे थे। क्या बीएमओ पद मलाईदार है? इस साजिश में बीएमओ की मंशा क्या थी?

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प्रभार ग्रहण करने के चंद दिनो बाद बना दिया बीएमओ

सीएमएचओ का प्रभार पाते ही डॉ.एनके जैन ने पहला आदेश खुटार के विवादित बीएमओ के नाम किया। जबकि उक्त बीएमओ पर दाग लग चुके है। इसके बावजूद ऐसे दागी बीएमओ को प्रभार देना स्वास्थ्य विभाग में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही है। जबकि एक तत्कालीन सीएमएचओ ने बीएमओ पर कार्यवाही किया था। वही ंतत्कालीन सीएमएचओ ने उसी दागी बीएमओ को फिर से खुटार का प्रभार देकर यह साबित कर दिया कि स्वास्थ्य विभाग में इस कुर्सी के खेल के लिये कुछ भी करने के लिये तैयार है। चंद दिनो हुआ सीएमएचओ को प्रभार मिले और इस तरह के बीएमओ को प्रभार देना कहीं न कहीं स्वास्थ्य विभाग के इस कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे है।

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इनका कहना है
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खुटार ने डॉ.महेन्द्र पटेल को बीएमओ बनाया गया था लेकिन दो वर्ष के लिये प्रशिक्षण में गये है। जिस वजह से डॉ.अभिरंजन को बीएमओ का प्रभार दिया गया है। पहले क्या गड़बड़ी हुई है इसको दिखवाते है।
डॉ.एनके जैन
सीएमएचओ सिंगरौली

डेस्क रिपोर्ट

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