दाने दाने को मोहताज है सिंगरौली का ये परिवार SUNGRAULI NEWS

सिंगरौली 11 दिसम्बर । चितरंगी ब्लाक के आदिवासी बाहुल्य गांव सिधार पहुंच पत्नी के हमले से घायल मान सिंह गोंड़ के गरीबी व तंगी हालत को देखकर हतप्रभ रह गये। जर्जर मकान में खाने पीने के दाने नहंी थे। इस हालात को देख अपर कलेक्टर डीपी वर्मन ने गरीब परिवार को तत्काल अनाज का व्यवस्था करवाया। तो वहीं पूरे हालात का जायजा लेने के बाद कलेक्टर को कल शुक्रवार को प्रतिवेदन भी सौपेंगे।

दरअसल गौरतलब हो कि पिछले दिन सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे मोरवा थाना क्षेत्र के ग्राम सिधार निवासी मान सिंह को उसी की पत्नी हीरामती सिंह गोंड़ ने गर्दन व पैर पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर घायल कर दिया था। घायल मान सिंह की 9 वर्षीय बेटी जग गयी और अपने पिता को बचाने के लिए मॉ के सामने गिड़गिड़ाने लगी। शोर-शराबा होने पर घायल मान सिंह के भाई, परिवार पहुंच इसकी सूचना मोरवा पुलिस को देते हुए उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मोरवा में भर्ती कराया। तो वहीं आरोपी महिला घटना के बाद फरार हो गयी थी।

फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने महिला के विरूद्ध मामला दर्ज कर तलाश करते हुए कल बुधवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इधर चर्चाओं के अनुसार महिला हीरामती सिंह गोंड़ इतना दुस्साहस भरा कदम क्यों उठाया इस बात को सुन हर कोई दंग हो जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि मान सिंह के बच्चे व पत्नी दाने-दाने को मोहताज थे। आरोपी हीरामती सिंह खुद कई दिन से भोजन नहीं की थी और बच्चे भी भूखे पेट थे। जबकि घायल मान सिंह गोंड़ अपने भाईयों व पिता के घर जाकर पेट भर लिया करता था और बच्चों व पत्नी की कोई ख्याल नहीं रखता था। करीब दो महीने से महिला इसी हालत से गुजर रही थी। बताया जा रहा है कि निकम्मे व शराबी पति से आये दिन दोनों में कहा-सुनी हो रही थी।

सूत्र यहां तक बताते हैं कि बच्चे जब दो दिन तक भूखे रह गये तो उनके इस हालत को देख महिला आपा खो बैठी और उसने दुस्साहस भरा कदम उठाते हुए पति को हमेशा-हमेशा के लिए कंटक दूर करना चाहती थी। जानकारी यहां तक मिल रही है कि महिला पति की हत्या कर बच्चों को भी मौत की नींद सुलाकर खुद आत्महत्या कर लेती। संयोग था कि 9 साल की बेटी जग गयी और पिता को बचाने के लिए मॉ से अभयदान मांगने लगी। इधर जब पीडि़त पक्ष थाने पहुंचा और पूरे अपने घटनाक्रम से अवगत कराया तो पता चला की विवाद का कारण गरीबी है। आदिवासी परिवार के आर्थिक तंगी का मामला जब प्रकाश में आया तो कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए आज गुरूवार को अपर कलेक्टर डीपी वर्मन को सिधार गांव भेजकर जांच करने के लिए निर्देशित किया। जहां अपर कलेक्टर डीपी वर्मन सिधार गांव पहुंचकर पूरे हालात का जायजा लिये।

यहां सूत्रों ने बताया है कि एडीएम के जांच के दौरान पता चला कि मान सिंह गोंड़ आदिवासी परिवार को एक भी योजनाओं का लाभ नहीं मिला है। यहां तक की खाद्यान्न के लिए पात्रता पर्ची से भी वंचित है। जर्जर मकान एवं गृहस्थी को देखकर एडीएम खुद हतप्रभ रह गये। उन्होंने तत्काल गरीब परिवार व बच्चों के लिए चावल, गेंहू की व्यवस्था कराये। साथ ही तीन बच्चों की परवरिस कर रहे घायल के भाईयों एवं उनके माता-पिता को भी समझाईश दिये। इस दौरान आरआई शिवनंदन सिंह, हल्का पटवारी व पंचायत के सचिव, रोजगार सहायक भी मौजूद थे।

भूख से बिलख रहे बच्चों को नही मिली रोटी तो माँ ने उठाया खौफनाक कदम SINGRAULI NEWS

आजीविका मिशन व एनसीएल से भी होगा सवाल-जबाव

अति गरीबों के आर्थिक उत्थान के लिए सरकार ने आजीविका मिशन चलाया है। ताकि उनकी गरीबी समूह के माध्यम से दूर हो सके। जिले में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को डीएमएफ फण्ड से करोड़ो रूपये मिला है। चर्चाओं के अनुसार आदिवासियों की गरीबी भले दूर नहीं हुई लेकिन विभाग के अमले की गरीबी जरूर दूर हो गयी। तो वहीं एनसीएल भी सीएसआर मद से राशन वितरण सहित गरीबों के उत्थान पर खूब रकम खर्च करने की वाहवाही लेता है। सूत्र बता रहे हैं कि कलेक्टोरेट से आजीविका मिशन के अमले व एनसीएल प्रबंधन को नोटिस जारी कर सवाल जबाव मांगा जायेगा।

योजनाओं से वंचित है आदिवासी परिवार

एडीएम के जांच में पता चला की मान सिंह को सरकार के द्वारा संचालित एक भी योजनाओं का लाभ अब तक नहीं मिला है। जर्जर मकान इस बात का बया भी कर रहा है। वहीं खाद्यान्न पात्रता पर्ची से भी वंचित है। इसी तरह अन्य कई आदिवासी परिवार है जो आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। एडीएम के अनुसार पंचायत की लापरवाही से बीपीएल में मान सिंह के परिवार का नाम नहीं जुड़ पाया और खाद्यान्न के लिए पात्रता पर्ची भी नहीं मिली है। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया में पंचायत को दोषी माना जा रहा है और इनके विरूद्ध कार्रवाई भी प्रस्तावित हो सकती है।

कहां चले गये विपक्षी दलों के नेता

सोशल मीडिया में सुर्खियों में बने रहने के लिए सिंगरौली के कई विपक्षी दलों के नेता खूब तस्वीरें खिंचाते हुए लाइव भी होते हैं और उस दौरान लगता है कि इनसे बड़े विपक्षी नेता कोई नहीं है। लेकिन इस गरीब आदिवासी परिवार की आवाज ऐसे दल के नेताओं के कान में नहीं पहुंची है। विपक्षी दल के नेताओं व यहां सक्रिय समाजसेवियों के कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किये जा रहे हैं।

इनका कहना है
सिधार गांव का आज दौरा किया। जहां पीडि़त पक्ष व उनके परिवारजनों से जानकारी ली गयी। इस संबंध में जांच प्रतिवेदन कलेक्टर के यहां प्रस्तुत किया जायेगा।
डीपी वर्मन
अपर कलेक्टर, सिंगरौली

डेस्क रिपोर्ट

ख़बरें पूरे विंध्य की http://satnanews.net/

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button