Satna Today News: जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में बिना जानकारी के पहुंचे परियोजना अधिकारी

Satna Today News: सतना जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ परीक्षित झाड़े ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए ए.एन.सी रजिस्ट्रेशन और गर्भवती महिलाओं, एनीमिया मैनेजमेंट के एच एम.एम.आई.एस और अनमोल में दर्ज आंकड़ों में अत्यधिक भिन्नता पाए जाने पर नाराजगी जाहिर की।

उन्होंने सभी संबंधित बीएमओ को महिला बाल विकास के परियोजनावार आंकड़ों से मिलान कर 10 दिवस के भीतर आंकड़े में एकरूपता लाने और दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। जिला स्वास्थ समिति की बैठक में सीईओ जिला पंचायत ने महिला बाल विकास के परियोजनाधिकारियों को गर्भवती महिलाओं, एनीमिया मैनेजमेंट, दस्तक अभियान और संपूर्ण टीकाकरण संबंधित जानकारी बैठक में नहीं लाने पर अप्रसन्नता जताई।Satna Today News: जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में बिना जानकारी के पहुंचे परियोजना अधिकारी

इस मौके पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अशोक अवधिया, सिविल सर्जन डॉ केएल सूर्यवंशी, डॉ पीके श्रीवास्तव, डॉ चरण सिंह, डॉ प्रमोद गौतम, जिला कार्यक्रम अधिकारी सौरभ सिंह एवं बीएमओ तथा सीडीपीओ उपस्थित थे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ परीक्षित झाड़े ने सीएससी मझगवां में एचएमआईएस और अनमोल में 22 प्रतिशत का अंतर एएनसी रजिस्ट्रेशन में पाए जाने पर बीएमओ से कारण जाना।

बीएमओ ने बताया कि समग्र डाटा उपलब्ध नहीं होने पर यह अंतर आता है। सीईओ ने कहा कि अपने जनपद के सीईओ से बीएमओ संपर्क कर समग्र का डाटा प्राप्त करें और एक हफ्ते में आंकड़ों में अंतर का सुधार करें। उन्होंने कहा कि हर माह बीएमओ और सीडीपीओ एक साथ बैठकर दोनों विभागों से आंकड़ों का मिलान करें। इसी प्रकार गर्भवती महिलाओं के पंजीयन में लक्ष्य से विरुद्ध 50 प्रतिशत से कम रजिस्ट्रेशन करने वाले विकासखंड की एएनएम का वेतन रोकने के निर्देश दिए।Satna Today News: जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में बिना जानकारी के पहुंचे परियोजना अधिकारी

उन्होंने कहा कि 70 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन हो जाने पर वेतन रिलीज करें। मैहर में कुल गर्भवती 1555 महिलाओं में से 518 गर्भवती महिलाओं को हाई रिस्क प्रेगनेंसी बताये जाने पर सीईओ ने डाटा सुधार के निर्देश दिए।संपूर्ण टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए सीईओ ने कहा कि जिन एएनएम के क्षेत्र में अत्यंत कम टीकाकरण हुआ है, उन पर कार्यवाही प्रस्तावित करें। पोषण पुनर्वास केंद्र की समीक्षा में रामनगर, सतना जिला अस्पताल, मझगवां, मैहर, कोठी का प्रतिशत क्रमशः 63 से 91 तक पाए जाने पर

महिला बाल विकास के अधिकारियों को शत-प्रतिशत बेड पूर्ति करने के निर्देश दिए। बैठक में जननी सुरक्षा, प्रसूति सहायता योजना एवं अन्य हितग्राही भुगतान संबंधित सीएम हेल्पलाइन के प्रकरण तत्परता से निराकृत करने के निर्देश दिए गए। एसएनसीयू की समीक्षा में बताया गया कि जिला चिकित्सालय सतना में डिस्चार्ज का प्रतिशत 80 है। जबकि आदर्श स्थिति 85 प्रतिशत होनी चाहिए। एसएनसीयू में नवजात शिशु मृत्यु दर 14 प्रतिशत से घटकर अब 10-11 प्रतिशत हो गई है।

संवाददाता नरेंद्र कुशवाहा

संवाददाता सतना न्यूज डॉट नेट

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