SATNA : रोक के बावजूद उमड़ी भीड़, लोगों ने कामदगिरी की जबरन परिक्रमा लगाईं

 सतना 10 जुलाई । अमावस पर चित्रकूट में आस्था और श्रद्धा की भीड़ उमड़ पड़ी। सतना जिला प्रशासन अमावस में उमड़ने वाली भीड़ को रोकने के लिए चित्रकूट में 39 घंटे का कोरोना कर्फ्यू लगा दिया था। यूपी-एमपी बॉर्डर सील कर दिया गया था, इसके बावजूद श्रद्धालुओं को रोक नहीं पाया गया और कामतानाथ स्वामी के दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पडी । लोगों ने कामदगिरि की जबरन परिक्रमा लगाई। हालांकि मंदिर के गर्भगृह के कपाट बंद होने की वजह से लोग अंदर नहीं जा पाए मगर लोगों ने सीढ़ियों में ही माथा टेका।

सतना कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अजय कटेसरिया ने हलहारिणी अमावस्या चित्रकूट में अत्यधिक जनसमूह एकत्र होने की संभावना के कारण कोविड के सुपर स्प्रेड की आशंका को देखते हुए 8 जुलाई को दोहपर 3 बजे से 10 जुलाई शनिवार की प्रातः 6 बजे तक कोरोना कर्फ्यू लगा दिया था।

इस समयावधि में लोक परिवहन, बस एवं चित्रकूट के स्थानीय वाहनों के अलावा निजी वाहनों को भी चित्रकूट प्रवेश की अनुमति नहीं थी। मगर आदेश पर आस्था भारी पड़ गई और हजारों श्रद्धालु चित्रकूट पहुंचकर कामतानाथ स्वामी की ड्योढ़ी पर माथा टेका। प्रशासन की पाबन्दी से संत समाज नाराज नजर आया।

कामदगिरि ट्रस्ट के महंत मदनगोपाल दास जी ने बताया कि प्रशासन को पूर्व से सूचना देनी चाहिए। क्योंकि पूर्व कोरोना काल में सूचना दी गई है और बैठक भी की गई है। मगर इस बार न तो साधु-संतों के साथ बैठक की और न ही सूचना दी गई। अब यहां पर तीर्थ यात्री, श्रद्धालु लोग आ गए हैं तो इन्होंने तत्काल में कोरोना कर्फ्यू लगाया है। इससे श्रद्धालुओं को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

बेचारों को दर्शन और स्नान करने में बाधा उत्पन्न हो रही है। जगह-जगह बेरीकेडिंग कर दी गई है। आप पूर्व से ऐसी व्यवस्था करते तो दिक्कत नहीं आती। अब परेशानी हो रही है, तो ये गलत है। क्योंकि यहां का आय का स्त्रोत भी श्रद्धालु ही हैं।

संवाददाता नरेंद्र कुशवाहा

संवाददाता सतना न्यूज डॉट नेट

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