SATNA नसबंदी मामले ने पकड़ा तूल, जांच करने पहुंचे सीएमएचओ ने सर्जन को माना दोषी

सतना 12 नवंबर । सतना जिले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, बीते दिन जिले के रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नसबंदी कराने आई महिलाओं को बेहोशी का इंजेक्शन तो लगा दिया गया, लेकिन बीच ऑपरेशन में ही डॉक्टर साहब बेहोश महिलाओं को छोड़कर निकल लिए  मामले की जांच करने पहुंचे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने प्राथमिक रूप से सर्जन को इस मामले में दोषी माना है

मामला सतना जिले के रामपुर बघेलान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां पर 22 महिलाओं को बेहोशी का इंजेक्शन दिया गया और उन्हें नसबंदी कराने के लिए पूरी तरह तैयार करा लिया गया, लेकिन सतना जिला मुख्यालय से पहुंचे डॉ एमएम पांडेय ने 12 महिलाओं का ऑपरेशन किया और बाकी को बेहोशी की हालत में छोड़कर, वापस सतना जिला मुख्यालय चले गए, इस पूरे घटनाक्रम के बाद जहां एक तरफ परिवार नियोजन कराने पहुंची हितग्राहियों के परिजन गुहार लगाते रहे, वहीं दूसरी तरफ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ अधिकारी भी डॉक्टर साहब को रोकने का प्रयास किया, लेकिन डॉक्टर साहब तो डॉक्टर साहब ठहरे भला वो क्या किसकी सुनने वाले थे

सही मायने में देखा जाए तो यह बेहद लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैया है, सरकार एक तरफ जहां परिवार नियोजन के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, वही ऐसे चिकित्सक सरकार की योजनाओं को पलीता लगाने में जुटे हुए हैं, और आज जब नसबंदी में हद दर्जे की लापरवाही का मामला अब तूल पकड़ चुका, महिला कांग्रेस आज इस मुद्दे को लेकर पीड़ित परिजनों से मुलाकात की और परिजनों के साथ जिला मुख्यालय पहुँच कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, महिला कांग्रेस की मांग थी कि इस मामले पर सख्त कार्यवाही हो, वही इस मामले में पीड़ित महिलाओं के परिजन की माने तो 24 घंटे बाद भी महिलाओ की हालात खराब है, स्वयं की खर्च पर ऑटो बुक किया गया और बेहोसी की हालत में उन्हें घर ले जाने को मजबूर हुए, हालांकि इस मामले में जिला कलेक्टर ने एसडीएम रामपुर बघेलान के नेतृत्व में एक तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई है जो मामले की जांच कर रही है

संवाददाता नरेंद्र कुशवाहा

संवाददाता सतना न्यूज डॉट नेट

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