SATNA ट्रैकुलाइज होने के बाद नही उठा तेंदुआ, मौत पर कई सवाल

सतना जिले के उचेहरा परस्मानिया क्षेत्र के धनिया गाँव से पकड़ कर लाये गए स्वस्थ तेंदुए की मुकुंदपुर टाइगर सफारी में 24 घण्टे के अंदर हुई मौत बेहोशी की दवा के ओवरडोज को मौत का बताया जा रहा कारण, सूत्रों के अनुसार पकड़े गए तेंदुए को आया ही नही होश, मृत तेंदुए का चुपचाप पीएम करा कर जला दिया गया शव, मामले की लीपापोती में जुटे अफसर, स्वस्थ तेंदुए को पकड़े जाने के 24 घण्टे के अंदर मौत होने से वन अधिकारियों और जू प्रबंधन के अधिकारियों की काबिलियत पर उठे सवाल, पहले भी तेंदुए के पग मार्क को बाघ और उसके 2 बच्चों के पग मार्क बता इन्ही काबिल अफसरों ने पूरे इलाके फैला दी थी सनसनी।

सूत्र बताते हैं कि तेंदुए को रात में पिंजरे से बाहर नहीं निकाला गया था, इन्तजार किया जा रहा था कि वह सामान्य होगा तब उसे बाहर निकाला जाएगा। कल रात को वह स्वस्थ्य था तो फिर ऐसा क्या हुआ कि उसकी मौत हो गई ? बड़ा सवाल यह भी है कि तेंदुए को ट्रंकुलाइज किसने किया था और उसे कितना डोज दिया गया था ? उस वक्त वहां डीएफओ तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी थे अथवा नहीं ?आशंका यह है कि ट्रैंकुलाइजेशन के दौरान ओवर डोज दे दिए जाने के कारण उसकी मौत हुई है। उसकी मौत का सच पीएम रिपोर्ट से ही सामने आ सकता है लेकिन जू सेंटर के अंदर चुपचाप पीएम करा कर उसे जला दिए जाने के कारनामे से यह सच सामने आने की संभावना भी अब कम ही नजर आ रही है।

AAD

संवाददाता नरेंद्र कुशवाहा

संवाददाता सतना न्यूज डॉट नेट

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