रैगांव उपचुनाव : नए चेहरे पर दाव, सांसद गणेश सिंह की सिफारिश !

बीजेपी ने एक बार पुनः सांसद गणेश सिंह की सिफारिश पर रैगांव विधानसभा क्षेत्र से नये और साफ सुथरे चेहरे को मैदान मे उतारने का जोखिम मोल लिया है वास्तव मे कल तक माना यह जा रहा था कि पार्टी जुगुल किशोर बागरी के ज्येष्ठ पुत्र पुष्पराज बागरी को ही टिकट देगी

Raigaon by-election
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सतना। रैगांव विधानसभा के उपचुनाव मे बीजेपी एक दफे पुनः नये चेहरे को आजमाने जा रही है मालूम हो किभारतीय जनता पार्टी ने दिवंगत बीजेपी विधायक जुगुलकिशोर बागरी के बड़े भाई जीवनलाल बागरी की पोती प्रतिमा बागरी को रैगांव विधानसभा क्षेत्र से अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है लेकिन प्रतिमा की राह आसान नहीं रहने वाली क्योकि आज बीजेपी नेता रानी बागरी ने भी कलेक्ट्रेट पहुंच कर फ़ार्म खरीद लिया है तो दूसरी तरह पुष्पराज बागरी ने भी बगावती तेवर अपनाये है

2017 मे भी बीजेपी ने चित्रकूट विधानसभा क्षेत्र मे यही किया था वहाँ से सुरेंद्र सिंह गहरवार पूर्व बीजेपी विधायक की दावेदारी को नजरअंदाज करते हुये सांसद गणेश की सिफारिश को मानते हुये शंकरदयाल त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया गया था लेकिन भितरघात के चलते नतीजा सिफर रहा और 2017 के उपचुनाव मे बीजेपी के नये नवेले उम्मीदवार शंकरदयाल त्रिपाठी को पराजय का सामना करना पड़ा था

लेकिन बावजूद इसके बीजेपी ने एक बार पुनः सांसद गणेश सिंह की सिफारिश पर रैगांव विधानसभा क्षेत्र से नये और साफ सुथरे चेहरे को मैदान मे उतारने का जोखिम मोल लिया है वास्तव मे कल तक माना यह जा रहा था कि पार्टी जुगुल किशोर बागरी के ज्येष्ठ पुत्र पुष्पराज बागरी को ही टिकट देगी लेकिन लगता है कि जुगुलकिशोर बागरी के परिवार मे टिकट को लेकर मची रार की वजह से अंतिम क्षणो मे प्रतिमा बागरी के नाम पर मुहर लगाने का निर्णय लिया गया है

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चर्चा यह भी है कि सांसद गणेश सिंह ने प्रतिमा बागरी के नाम को आगे बढाया था देखना अब यह है कि भारतीय जनता पार्टी का यह प्रयोग कितना कामयाब होता है राजनैतिक जानकारो की मानें तो अभी बीजेपी मामूली बढत बनाये हुये है जबकि बीजेपी के एकदम बगल मे खड़ी कांग्रेस किसी भी क्षण बीजेपी से आगे निकलने की स्थिति मे है हालांकि अभी इलेक्शन बहुत ही शुरुआती दौर मे है अतः आगे परिस्थितियां तेजी से बदलेंगी लेकिन अब नजर इस बात पर है कि क्या टिकट से वंचित पूर्व विधायक का परिवार हाथ पर हाथ धरे बैठा रहेगा ? और यदि कहीं पुष्पराज बागरी ने भी सुरेंद्र सिंह गहरवार की राह पक ड़ ली तब प्रतिमा बागरी का क्या होगा कहीं एक बार पुनः चित्रकूट उपचुनाव की कहानी तो नही दोहराई जायेगी

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डेस्क रिपोर्ट

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