रैगाव का रण : घर मे घमासान, देवराज और पुष्पराज दोनों भाइयों ने ठोकी दावेदारी

सतना । रैगांव का रण को लेकर भाजपा की मुश्किलें बढ़ी हुई है स्वर्गीय विधायक  जुगुलकिसोर बागरी के राजनीतिक बिरासत को लेकर घर में ही घमाशान हो रहा। स्वर्गीय विधायक के दोनों पुत्र टिकट की दावेदारी कर रहे और खुलकर एक दूसरे की खिलाफत करते नजर आ रहे है, बड़े भाई पुष्पराज बागरी 2013 मे भाजपा की टिकट पर किस्मत आजमा चुके लेकिन हार का सामना करना पड़ा था।

ऐसे में इस बार स्वर्गीय पिता की सहानुभूति मिलने का दावा कर छोटा भाई देवराज टिकट की दावेदारी कर रहे है। दोनो भाइयों के बीच की बगावत सड़को पर दिखने लगी और भाजपा पार्टी पसोपेश में है और सहानुभूति  वोट बैंक के बिकल्प की तलाश में मंथन कर रही है।

अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित रैगांव विधानसभा का उप चुनाव की तारीख तय हो चुकी और अब राजनीतिक दल प्रत्यासी चयन के लिए माथापच्ची कर रहे है। सबसे ज्यादा मुश्किल सत्ताधारी भाजपा में बढ़ी है क्योंकि स्व. विधायक के घर मे ही घमाशान हो चुका। स्व. विधायक जुगुलकिसोर बागरी के दोनों पुत्रों में पारिवारिक कलह सड़को पर आ चुकी स्व. विधायक के बड़े पुत्र पुष्पराज  सुरुआती दौर में भाजपा नेताओ के साथ जनसंपर्क करते नजर आई लेंकिन जन दर्शन यात्रा में उन्हें किनारे कर दिया गया और अब उनका एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ, इस वीडियो में  स्व. विधायक के बड़े पुत्र संगठन की बैठक से बाहर निकल आये और गुस्से से आग बबूला नजर आ रहे और खुद को चुनाव से स्वेच्छा से हटने का एलान कर रहे है। 

बताते चले कि स्वर्गीय विधायक जुगुल किशोर बागरी के छोटे पुत्र देवराज बागरी ने एक इमोशनल पत्र क्षेत्र में बांट रहे जिसमे अपने आप को पिता का सच्चा सेवक बता रहे और सहानुभूति वोट मांग रहे। हालकि छोटे बेटे देवराज ने अपनी पत्नी वंदना की दावेदारी पहले की थी मगर उनका जाति प्रमाण पत्र ही निरस्त हो चुका। बंदना बागरी के पिता बघेल है जो सिवनी जिले के है। बघेल अनुसूचित जाति में नही आते। ऐसे में 2007 में सतना से बना पति की जाति से बना जाति प्रमाण पत्र येन मौके पर निरस्त हो चुका और बंदना बागरी की दावेदारी खटाई में पड़ गई। अब देवराज पत्नी वंदना का जाति प्रमाणपत्र निरस्त करने का आरोप बड़े भाई पुष्पराज पर लगा रहे और चुनावी समर में टिकट को लेकर जोर जुगाड़ कर रहे है।

घर मे मचे घमाशान को लेकर भाजपा मे चिंतित है। तो स्व विधायक के बड़े पुत्र इसे राजनीतिक शाजिस बता रहे। उनकी माने तो दोनों भाइयों में कोई मतभेद नही, हम दोनों एक होकर चुनाव लड़ेंगे, कुछ राजनीतिक व्यक्ति व्यक्तिगत फायदे के लिए शाजिस कर इस मुद्दे को हवा दे रहे।

बहरहाल 2021 आम चुनाव के पहले तीन विधानसभा सीटो पर उप चुनाव हो रहे, इसे सत्ता के सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा। रैगांव भाजपा की गढ़ है ऐसे में भाजपा इस सीट को किसी कीमत पर गवाना नही चाह रही और फूंक फूंक कर कदम रख रही। दोनों भाइयों के बीच सुलह का भी प्रयास कर रही तभी समपैथी वोट का एक बड़ा हिस्सा भाजपा की झोली में जा सकता है।

संवाददाता नरेंद्र कुशवाहा

संवाददाता सतना न्यूज डॉट नेट

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