उत्तरप्रदेश में पेट्रोल-डीजल भरवाते हैं एमपी के लोग, यूपी के सरहदों से होती है पेट्रोल-डीजल की तस्करी

सतना 13 जुलाई। सतना क्या आप जानते हैं मध्यप्रदेश के लोग 10-11 रुपए बचाने के लिए उत्तरप्रदेश के पेट्रोल पम्पों में पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए जाते हैं। भौगोलिक दृष्टिकोण से चित्रकूट मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश दोनों सीमाओं पर बसता है। यूपी का हिस्सा कम तो एमपी का हिस्सा ज्यादा है। दिनों-दिन बढ़ रही डीजल-पेट्रोल की कीमतों से आजिज आकर हर आदमी एक-एक पैसा बचाने की जुगत में है। महज 5 किलोमीटर की दूरी पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में करीब 10 रुपए का अंतर है। यूपी के हिस्से के पेट्रोल पम्पों ने मध्यप्रदेश के पेट्रोल पम्प का भट्ठा बिठा दिया। एमपी की सरहद का एक मात्र पेट्रोल पम्प घाटे में होने की वजह से बंद हो गया। अब चित्रकूट के लोग यूपी के सीतापुर, रानीपुर (चित्रकूट यूपी) पेट्रोल-डीजल भराने के लिए जाते हैं। पर्यटन स्थल होने की वजह से चित्रकूट में लाखों-लाख श्रद्धालुओं का आना होता है। एमपी का चित्रकूट नगर परिषद हैं जिसके वाहनों को डीजल डलवाने के लिए यूपी पर निर्भर रहना पड़ता है। पड़ोसी सरहद के पेट्रोल पंप में डीजल-पेट्रोल सस्ता होने के कारण इसकी कालाबाज़ारी भी जमकर हो रही है।

चित्रकूट.. जिसमें अयोध्या के राजा राम को मर्यादा पुरुषोत्तम और वनवासी राम की पहचान दी। भौगोलिक दृष्टिकोण से चित्रकूट का कुछ हिस्सा यूपी तो बड़ा हिस्सा मध्यप्रदेश में बसता है। जाहिर, यूपी में कुछ सामान एमपी से महंगा होगा तो कुछ सस्ता। इनमें से एक है डीजल और पेट्रोल। डीजल-पेट्रोल की कीमतों में आज आग लगी हुई है। लोग जुगत में हैं कि कैसे भी करके पाई-पाई बचाई जाए। एमपी में रहने वाले लोग यूपी के हिस्से के चित्रकूट में पेट्रोल भराने जाते हैं। इसके दो कारण हैं। दरअसल, यूपी में मध्यप्रदेश के मुकाबले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10 से 11 रुपए की कमी है। जबकि दूसरा सबसे बड़ा कारण मध्यप्रदेश के हिस्से के चित्रकूट का पेट्रोल पंप इसी घाटे का चलते करीब ढाई घंटे पहले बन्द हो गया। अब नगर परिषद की 23 हजार आबादी यूपी के ईंधन पर निर्भर है। मध्यप्रदेश चित्रकूट से सटे सीतापुर (यूपी का चित्रकूट) में 5 किलोमीटर के दायरे में 5 पेट्रोल पंप हैं। यानि मध्ययप्रदेश वालों के लिए पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है वो भी 10 रुपए सस्ता। चित्रकूट मेंं श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।

लल्ला तिवारी कहते हैं कि यहां तेल महंगा होने की वजह से एमपी के लोग यूपी में तेल भराने जाते हैं। चूंकि बॉर्डर है यहां। पेट्रोल टंकी नजदीक हैं यूपी की। यहां 10 रुपए… 11 रुपए महंगा तेल है… वहां जाते हैं तो सस्ता तेल मिलता है। यहां के जितने भी निवासी हैं सभी लोग जाते हैं।

चित्रकूट विधायक नीलांशु चतुर्वेदी कहते हैं कि पेट्रोल-डीजल की बात करें या अन्य महंगाई की बात करें तो यह चिंतन का एक विषय ये भी है कि गैस के दाम 9 सौ रुपए हैं… डीजल-पेट्रोल के दाम 100 रुपए से ज्यादा हैं। दुर्दशा है… किसानों परेशान है, नौजवान परेशान है। खाने का तेल डेढ़ सौ रुपए किलो है तो इस स्थिति में आम आदमी कैसे काम करेगा… कैसे जीवन-यापन करेगा। पेट्रोल कैसे भराएगा, डीजल कैसे भराएगा। महंगाई नहीं दिख रही है। आम आदमी सर्वाइव कैसे करेगा। कोरोना के चलते नौकरियां चली गईं रोजगार नहीं है, कोई धंधा नहीं है। कोई व्यवस्था नहीं है उस दिशा में कोई चिंतन नहीं है।

दीपावली के समय करीब 20 लाख बाहरी श्रद्धालु 3 दिनों के लिए चित्रकूट में ही रहते हैं जबकि सोमवती अमावस में 10 लाख और प्रत्येक अमावस पर लगभग 4 लाख श्रद्धालु जुटते हैं। ऐसे में यहां डीजल-पेट्रोल की भारी खपत है। मगर दुर्भाग्य है कि मध्यप्रदेश के हिस्से में एक भी पेट्रोल पम्प नहीं है। जब तक यूपी में पेट्रोल-डीजल की कीमतें मध्यप्रदेश के मुकाबले कम रहेंगी तब तक एमपी के चित्रकूट में नया पेट्रोल पम्प खुल भी नहीं सकता। नतीजतन, इसकी कालाबाजारी चरम पर है। चित्रकूट के अलावा सतना से महज 50 किलोमीटर की दूरी पर यूपी की सरजमीं में दो पेट्रोल पम्प और हैं जहां से डंके की चोट पर ईंधन की ब्लैक मार्केटिंग हो रही है। रात के सन्नाटे में कई छोटे टैंकरों से इनका परिवहन किया जाता है। छोटे-छोटे कंटेनरों में पेट्रोल-डीजल की तस्करी हो रही है। दूध टैंकर की आड़ में भी इसकी तस्करी की जा रही है।

विंध्य पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विनोद तिवारी कहते हैं कि क्योंकि मध्यप्रदेश सिंगरौली से लेकर भिण्ड-मुरैना तक यूपी बॉर्डर से जुड़ा हुआ है और यूपी में वैट कम होने से पेट्रोल-डीजल में 10 से 12 रुपए का अंतर है। इसलिए अवैध परिवहन यूपी से एमपी में करते हैं। उसके टैक्स का नुकसान मध्यप्रदेश सरकार को होता है। यदि मध्यप्रदेश सरकार अपने वैट को कम करती है तो उतना टर्नओवर बढ़ेगा और टर्नओवर बढ़ेगा तो उसका टैक्स बढ़ेगा। या यूपी के सरकार को टैक्स को बढ़ा देना चाहिए ताकि अवैध परिवहन रुक सके।

संवाददाता नरेंद्र कुशवाहा

संवाददाता सतना न्यूज डॉट नेट

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