चित्रकूट में भी बने भव्य राममंदिर, नारायण त्रिपाठी

सतना मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने संतशिरोमणी श्री रामभद्राचार्य जी महाराज को धन्यवाद और बधाई देते हुए कहा कि आपने चित्रकूट में संघ के साप्ताहिक कार्यक्रम के दौरान संघ प्रमुख सम्माननीय मोहन भागवत के समक्ष पावन नगरी चित्रकूट की वास्तविक समस्याओं को उठाया। विधायक मैहर ने संघ प्रमुख मोहन भागवत जी को भी धन्यवाद और बधाई संप्रेषित की है जिन्होंने श्री रामभद्राचार्य जी की बातो पर संज्ञान लेकर चित्रकूट के समुचित विकास के लिए स्पेशल दर्जा देकर विकास की बात कही साथ ही उन्होंने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी का भी धन्यवाद देते हुए बधाई दी है जिन्होंने चित्रकूट के विकास के लिए स्पेशल कमेटी बना कार्ययोजना तय कर सर्वांगीण विकास किये जाने की बात कही है।

मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने कहा कि भगवान श्री राम का जन्म अयोध्या के राजा दशरथ जी के यहाँ हुआ जरूर था किंतु कर्मप्रधान युग में व्यक्ति की पूजा नहीं बल्कि उसके कर्म की पूजा होती आई है। भगवान श्री राम जन्में तो अयोध्या में लेकिन चित्रकूट ही उनकी कर्मस्थली के साथ साथ तपोभूमि बनी जहाँ भगवान ने 14 वर्ष के वनवास काल का 12 वर्ष का समय इस पावन भूमि में बिताया। उन्होंने कहा कि इस दौरान भगवान् ने तमाम आसुरी शक्तियो,पापियों, दुराचारियो का विनाश कर धर्म की रक्षा करते हुए हम सभी के लिये मर्यादा की स्थापना की.

विधायक ने कहा कि अगर भगवान सिर्फ अयोध्या में रह जाते तो शायद श्री राम ही कहे जाते लेकिन चित्रकूट में 12 वर्षो के वनवास काल में भगवान श्रीराम से मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम बने। अयोध्या में भगवान का भव्य मंदिर बन रहा है, अयोध्या का विकास हो रहा है किंतु विंध्य के सतना जिले में स्थित चित्रकूट जो भगवान की कर्मस्थली और तपोभूमि है अविकसित व अव्यवस्थित है. चित्रकूट को विशेष दर्जा दिया जाकर दिव्य और भव्य बनाने का कार्य बिना किसी छेड़छाड़ के होना चाहिए। चूँकि चित्रकूट हमारे विंध्य व सतना जिले की अमूल्य धरोहर है इस जिले और क्षेत्र की पहचान है, इसी जिले में विद्या और बुद्धि की देवी माँ शारदा का धाम मैहर भी है और भगवान् श्री राम की तपस्या के 75% भाग इसी जिले के क्षेत्र में आते है

इसलिए इनसे बिना छेड़छाड़ किये किसी अन्य प्रदेश में बिना मिलाये सर्वांगीण विकास होना चाहिए। इस तपोभूमि में भी भगवान श्री राम का अयोध्या की तर्ज पर दिव्य और भव्यतम मंदिर का निर्माण भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्पेशल पैकेज की आड़ में भगवान् की तपोभूमि का 75% हिस्सा किसी अन्य राज्य में समाहित करने का प्रयास न किया जाये क्योकि हमारे विंध्य और जिले के वासियो के लिए यह अयोध्या से कम नहीं है।

विधायक त्रिपाठी ने चित्रकूट के सभी पूज्य साधू-संतो, महात्माओं सहित धर्मावलंबियों व आमजन से अपील कर भव्य चित्रकूट, भव्य सतना व भव्य विन्ध्य बनाने में अपना अमूल्य सहयोग प्रदान करने व अभियान चलाने की अपील की है जिससे हमारे सतना और विन्ध्य की पहचान चित्रकूट संरक्षित सुरक्षित दिव्य और भव्य बन सके। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर चित्रकूट में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का भव्यतम मंदिर बनाये जाने व चित्रकूट का बिना छेड़छाड़ के समुचित व सर्वांगीण विकास किये जाने हेतु वृहद योजना बनाने का निवेदन किया है.

संवाददाता नरेंद्र कुशवाहा

संवाददाता सतना न्यूज डॉट नेट

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