18 हजार वोटो से हारी कल्पना को कांग्रेस ने दिया रैगाव का टिकट, बड़ा है राजनीतिक बैकग्राउंड

कल्पना वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस की उम्मीदवार रही हैं। उस बार वे भाजपा के जुगुल किशोर बागरी से लगभग 18 हजार मतों के अंतर से पराजित हुई थी

सतना । सतना जिले के रैगांव में होने जा रहे उप चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने एक हारे हुए प्रत्यासी पर अपना दाव लगाया है कांग्रेस पार्टी ने उपचुनाव के लिए अपना प्रत्याशी घोषित करते हुए 2018 के चुनाव में 18 हजार मतों से हारी कल्पना वर्मा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है हालांकि बीजेपी ने अभी अपना उम्मीदवार घोसित नहीं किया है पर अगर स्वर्गीय जुगुल चाचा के परिवार में टिकट मिलता है तो दो हारे हुए नेताओ में मुकाबला होगा क्योकि BSP ने मध्यप्रदेश में इस उप अपना उम्मीदवार ना उतारने का ऐलान किया है

मध्य प्रदेश में होने जा रहे उपचुनाव के लिए सतना जिले की रैगांव विधानसभा के लिए कांग्रेस ने आखिरकार लंबी जद्दोजहद के बाद अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया यहां से कल्पना वर्मा कांग्रेस की उम्मीदवार होंगी आपको बता दें कि रैगांव विधानसभा भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंत्री और विधायक जुगल किशोर बागरी के निधन के बाद खाली हुई है और रैगांव विधानसभा एससी वर्ग के लिए आरक्षित है इसके अलावा आज कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के खंडवा उपचुनाव के लिए भी अपना प्रत्याशी घोषित किया है साथ ही जोवोट विधानसभा से भी कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी आज घोषित कर दिया है यहां से महेश पटेल कांग्रेस को जिताने का प्रयास करेंगे

मैथमेटिक्स से एमएससी पास 32 वर्षीया कल्पना वर्मा  कल्पना वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस की उम्मीदवार रही हैं। उस बार वे भाजपा के जुगुल किशोर बागरी से लगभग 18 हजार मतों के अंतर से पराजित हुई थी। लेकिन ढाई दशक में यह पहला मौका था जब रैगांव में कांग्रेस दूसरे नंबर तक पहुंची थी। कल्पना को 48489 वोट मिले थे जबकि बसपा की उषा चौधरी को 16677 मत मिले थे। कल्पना को रैगांव में कांग्रेस का लोकप्रिय चेहरा माना जाता है। वो चौधरी समाज से आती हैं। मैथमेटिक्स से एमएससी पास 32 वर्षीया कल्पना वर्मा को कमलनाथ समर्थित माना जा रहा है,हालांकि पिछली बार अजय सिंह राहुल ने कल्पना के पक्ष में जबरदस्त कैम्पेनिंग की थी।

कल्पना वर्मा का एक पुराना राजनीतिक बैकग्राउंड आपको बता दें कि कल्पना वर्मा का एक पुराना राजनीतिक बैकग्राउंड है इनके ससुर राम आसरे दो बार रैगांव विधानसभा से विधायक रह चुके हैं पहली बार रामाश्रय 1980 में विधायक बने थे और दूसरी बार 1985 में यह रैगांव विधानसभा से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे राम आसरे कांग्रेस के दिग्गज नेता अर्जुन सिंह के खास माने जाते रहे हैं इसी वजह से उनकी बहू कल्पना वर्मा को 2013 में टिकट मिला इसके बाद 2018 में कांग्रेस ने कल्पना वर्मा पर दांव आजमाया और कल्पना कांग्रेस के वोट बैंक को बढ़ाते हुए दूसरे नंबर पर पहुंच गई और यहां से स्वर्गीय जुगल किशोर बागरी एक बड़े अंतर में जीत गए

यह तीसरा मौका है जब कांग्रेस पार्टी ने कल्पना वर्मा पर फिर दांव लगाया है असल में कल्पना अपने ससुर की तरह राहुल गुट की मानी जाती हैं और अजय सिंह राहुल की वजह से उन्हें 2021 के इस उपचुनाव के लिए टिकट दिया गया है इस बात की पुष्टि राजनीतिक मामलों की जानकार करते हैं बताया जाता है कि कल्पना वर्मा अजय सिंह राहुल की कट्टर समर्थक हैं और पार्टी को भी पता है कि विंध्य में अजय सिंह राहुल का क्या कद है

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इस बार का चुनाव यहां आमने-सामने का होने जा रहा है क्योंकि बीएसपी ने इस उपचुनाव में मध्य प्रदेश से अपने कोई भी कैंडिडेट ना उतारने का ऐलान किया है ऐसे में सतना जिले की रैगांव विधानसभा का चुनाव भाजपा और कांग्रेस के लिए आमने-सामने का होने जा रहा है हालांकि अभी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पत्ते खुलने बाकी हैं

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डेस्क रिपोर्ट

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