सावन सोमवार को भगवान गैबीनाथ दर्शन

सतना :  श्रावण मास का महीना प्रारंभ होने के साथ ही विश्वव्यापी कोरोनावायरस का असर मंदिरों में देखने को मिल रहा है,, भक्तों से खचाखच भरे रहने वाले मंदिरों में अब पहले जैसा नजारा नहीं है,,सतना जिला मुख्यालय से तकरीबन 35 किमी. दूर स्थित गैवीनाथ मंदिर मैं मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया है और 5-5 फीट की दूरी पर भक्त खड़े हुए हैं,, यह विंध्यभर में आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है,,आपको बता दें कि बिरसिंहपुर देवी नाथ मंदिर में लगने वाले मेले में अपार भीड़ होती थी लेकिन आज यहां प्रसाद की दुकानों में भी पहले जैसी नहीं देखने को मिल रही है

यहां खंडित शिवलिंग की पूजा होती है,, इसका वर्णन पदम पुराण के पाताल खंड में मिलता है,, जिसके अनुसार त्रेतायुग में यहां राजा वीर सिंह का राज्य हुआ करता था और तब बिरसिंहपुर नगर का नाम देवपुर था,,राजा वीर सिंह प्रतिदिन भगवान महाकाल को जल चढ़ाने घोड़े पर सवार होकर उज्जैन दर्शन करने जाते थे,, बताया गया कि लगभग 650 वर्षों तक यह सिलसिला चलता रहा,, इस तरह राजा वृद्ध हो गए और उज्जैन जाने में परेशानी होने लगी,, तभी महाकाल ने देवपुर में दर्शन देने की बात कही,,एक बार उन्होंने भगवान महाकाल के सामने मन की बात रखी,, बताया जाता है, एक दिन भगवान महाकाल ने राजा को स्वप्न में दर्शन दिया और देवपुर में दर्शन देने की बात कही,, इसके बाद नगर के गैवी यादव नामक व्यक्ति घर में एक घटना सामने आई,, घर के चूल्हे से रात को शिवलिंग रूप निकलता,, जिसे यादव की मां मूसल से ठोक कर अंदर कर देती,,राजा ने गैवी यादव को बुलाया कई दिनों तक यही क्रम चलता रहा,, एक दिन महाकाल फिर से राजा को स्वप्न में आए और कहा कि मैं तुम्हारी पूजा व निष्ठा से प्रसन्न होकर तुम्हारे नगर में निकलना चाहता हूं,, लेकिन गैवी यादव मुझे निकलने नहीं देता,, इसके बाद राजा ने गैवी यादव को बुलाया और स्वप्न की बात बताई,, जिसके बाद जगह को खाली कराया गया,, जहां शिवलिंग निकला,, राजा ने भव्य मंदिर का निर्माण कराया,, महाकाल के ही कहने पर शिवलिंग का नाम गैवीनाथ रख दिया,, तब से भोलेनाथ को गैवीनाथ के नाम से जाना जाता है,, स्थानीय स्तर पर उनकी पहचान महाकाल के उपलिंग के रूप में होती है,, बोला जाता है जो व्यक्ति महाकाल के दर्शन करने नहीं जा सकता, वे बिरसिंहपुर के गैवीनाथ भगवान का दर्शन कर लें, पुण्य उतना ही मिलेगा।

संवाददाता नरेंद्र कुशवाहा

संवाददाता सतना न्यूज डॉट नेट

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