ये अस्पताल है या गौशाला ?

सतना (SATNA) जिला अस्पताल का हाल बेहाल है यहां रात को अस्पताल तबेला बन जाता है ,आवारा पशु घूमते फिरते रहते है और अस्पताल में गंदगी भी करते है ।आवारा जानवरो की मौजूदगी कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है हालांकि जिला अस्पताल प्रवंधनक भी आवारा जानवरो की अस्पताल में मौजूदगी की बात स्वीकार कर रहे और जल्द ही समस्या के निदान का दावा कर रहे । 400 सौ बेड वाले सतना जिला अस्पताल की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है यहां सतना जिले के साथ साथ पन्ना और उत्तरप्रदेश के सरहदी इलाको से मरीज उपचार कराने आते है अस्पताल में मेले जैसा माहौल रहता है वही यहां आवारा पशुओं की भी भरमार है दिन में तो हालात ठीक रहते है लेकिन शाम ढलते ही जिला अस्पताल तबेला बन जाता है यहां आवारा जानवर प्रवेश कर जाते है और धमाचौकड़ी करते रहते है ये जानवर खाने की तलाश में वार्डो तक पहुच जाते है

जो कभी भी किसी हादसे को अंजाम दे सकते है अस्पताल प्रबंधन भी इस बात को स्वीकार करता है कि अस्पताल में आवारा जानवर आ रहे है बाउंड्री वाल टूटने से यह स्थित बनी है जिसे जल्द सुधार कर लिया जाएगा

संवाददाता नरेंद्र कुशवाहा

संवाददाता सतना न्यूज डॉट नेट

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