महिला स्व-सहायता समूहों से बनेंगे गांव आत्मनिर्भर,मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों को बांटे 200 करोड़ के ऋण SATNA NEWS

सतना 9 जनवरी। महिला स्व-सहायता समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य शासन द्वारा प्रदेशभर के स्व-सहायता समूहों को प्रतिमाह 150-200 करोड़ रूपये की ऋण राशि उपलब्ध कराई जा रही है। म.प्र. आजीविका मिशन के अंतर्गत जनवरी माह में शुक्रवार को मिंटो हाल भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय क्रेडिट कैंप के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यभर के महिला स्व-सहायता समूहों को 200 करोड़ रूपये की आर्थिक सहायता वितरित की। जिसमें सतना जिले के 118 स्व-सहायता समूहों को 1 करोड़ 48 लाख रूपये की ऋण राशि शामिल है। राज्य स्तरीय कार्यक्रम का वर्चुअल सीधा प्रसारण जिले के जनपद पंचायतों, ग्राम पंचायतों एवं जिला स्तर पर भी देखा गया।

जिले के ग्राम उसरार में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उसरार की राधाकृष्णा स्व-सहायता समूह की सचिव अनीता माझी ने सीधी बातचीत की। इस मौके पर कलेक्टर अजय कटेसरिया, प्रभारी सीईओ जिला पंचायत दिव्यांक सिंह, विधायक प्रतिनिधि पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष पुष्पराज बागरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सौरभ सिंह, जनपद सीईओ विंधेश्वरी प्रसाद श्रीवास्तव, जिला प्रबंधक आजीविका विष्णु त्रिपाठी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से गांव आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। राज्य शासन की सर्वाच्च प्राथमिकता के तहत स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर गांव की गरीबी दूर की जाएगी। उन्होने कहा कि राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष 1400 करोड़ रूपये की सहायता महिला स्व-सहायता समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए दी जाएगी। इसी क्रम में प्रतिमाह 150-200 करोड़ रूपये के ऋण अनुदान स्व-सहायता समूहों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला बाल विकास के माध्यम से आंगनवाड़ी में मिलने वाला रेडी टू ईट और पोषण आहार के निर्माण का कार्य स्व-सहायता समूह और ग्राम संगठन को दिया गया है। इसी तरह स्कूली बच्चों के लिए गणवेश तैयार करने का कार्य स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जाएगा।

संवाददाता नरेंद्र कुशवाहा

संवाददाता सतना न्यूज डॉट नेट

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