पढ़िए -: नजीराबाद में क्यो निकला कैंडल मार्च ?

सतना के नजीराबाद में करीब 12 सौ महिलाओं ने कैंडल मार्च निकाला, इस कैंडल मार्च को ऐतिहासिक मानते हुए महिलाओं द्वारा निकाला जाने वाला सबसे बड़ा कैंडल मार्च बताया जा रहा है, आपको बता दें कि दिल्ली के शाहीन बाग में धरने पर बैठी महिला की बीमार दूधमुही बच्ची मौत के गाल में समा गई थी, जिसकी याद में सतना के नजीराबाद में धरने पर बैठी महिलाओं ने कैंडल मार्च निकाल कर श्रद्धांजलि दी है, महिलाओं का कैंडल मार्च शहर की बजाए केवल नसीराबाद इलाके तक सीमित था, कैंडल मार्च में महिलाओं को उमड़ा सैलाब देखते ही बनता था, बच्ची बूढ़ी जवान महिलाएं पूरे जोश खरोश के साथ हाथ में जलती मोमबत्ती लेकर मार्च कर रही थी, नजीराबाद इलाके में घूमने के बाद कैंडल मार्च नजीराबाद स्थित धरना स्थल शाहिन बाग पर समाप्त हुआ और दुधमुंही बच्ची को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, इन महिलाओं में मुस्लिम महिलाओं के अलावा सभी धर्मों की महिलाएं बच्चियों शामिल थी, महिलाओं ने बताया कि एनआरसी सीए के विरोध में 18-19 दिन से धरने पर बैठे हुए हैं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर इंतजार कर रहे हैं, सुप्रीम कोर्ट संविधान के अनुसार फैसला करेगा, फैसले के बाद ही हम अपनी अगली रणनीति तय करेंगे, सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक हम धरने पर यूं ही बैठे रहेंगे, फिलहाल नजीराबाद के शहीन बाग में महिलाओं का धरना बदस्तूर जारी है ।

AAD

डेस्क रिपोर्ट

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