प्रयाग राज की तरह यहाँ भी है दो नदियों का संगम, इस घाट में हुआ था राजा दशरथ का पिंडदान

मध्यप्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट मे दशरथ घाट और रामनगर मे मारकण्डेय आश्रम मे इन दिनो विरानी पसरी पड़ी हुई है लोग बतलाते है कि सामान्य दिनो मे यहां पर्यटको की आवा जाही तो बनी ही रहती थी और पितर पक्ष मे तो बडीं संख्या मे लोग यहां आकर पितरो तर्पण भी किया करते थे

परंतु इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते श्राद्ध के दिनो मे भी चित्रकूट और रामनगर के दोनो पौराणिक महत्व के घाट खाली पड़े हुये है जनश्रुतियों के मुताबिक जहां भगवान राम ने वनवास के दौरान पिता दशरथ की मृत्यु हो जाने पर चित्रकूट के एक घाट पर पिंडदान किया था और अब इसे दशरथ घाट के नाम से भी लोग जानते है मगर आज श्राद्ध पक्ष मे यह सूना और विरान पड़ा हुआ है इसी तरह से सतना जिले के रामनगर मे मार्कण्डेय ऋषि के आश्रम मे भी सन्नाटा पसरा हुआ है

लोग बतलाते है कि कभी यहां भगवान राम ने अपने पिता का श्राद्ध किया था यहां प्रयाग राज की तरह दो नदियों का संगम है सोन व महानद के संगम पर लोग पिंडदान व पितरों का तर्पण करने के लिये यहां आते थे परंतु इस वर्ष कोरोना महामारी के चलते पितर पक्ष मे भी जिले के इन दोनो घाटो मे सन्नाटा पसरा हुआ है

डेस्क रिपोर्ट

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