पाठा के बीहड़ो में फिर जगा डकैत गौरी का आतंक, पढिये चम्बल के बाद पाठा की कहानी SATNA NEWS

सतना 3 जनवरी। जिले का सीमावर्ती क्षेत्र डाकुओं की शरण स्थली मानी जाती हैं। समय-समय पर डकैत गिरोह की दस्तक भी तराई क्षेत्र में बनी रही है। तराई क्षेत्र में डकैतों की आहत मिलने के बाद पुलिस ने इन क्षेत्रों में सर्चिंग शुरू कर दी है। जंगलों में पुलिस डकैतों को तलाश रही है। सर्चिंग के दौरान पुलिस के हाथ हालांकि कोई खास सफलता नहीं लगी है।सतना पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना प्रभारी मझगवां की पुलिस टीम द्वारा मध्यप्रदेश एवं उत्तरप्रदेश की सीमा से लगे तराई क्षेत्र के गाँव बटोही, सतिअनुसूईया, अमरावती, भमका, चंद्रलोक आदि जंगलों की सर्चिंग एवं कॉम्बिंग की गई। एवं तराई के गाँव मे बसे लोगो, चरवाहों तथा खेतिहारो से डकैत गिरोहों की जानकारी ली।

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश पाठा का जंगल आज भी दस्यु गैगों के साए में है। चित्रकूट के आसपास दस्यु गौरी यादव का खौफ आज भी कायम है। इन बीहड़ जंगलों में ददुआ ठोकिया रागिया बलखड़िया और बबली कोल ऐसे नाम रहे हैं जिन्होंने परसों से जंगल पर हुकूमत की है। पुलिस को जानकारी लगी की कुछ दिनों से दस्यु गौरी यादव गिरोह के साथ एमपी की सीमा में मौजूद है। गौरी यादव की तलाश में सतना पुलिस दलबल के साथ जंगल मे उतर कर सर्चिंग कर रही है।

कुछ समय से शांत पड़ा गौरी यादव पाठा के बीहडों मे गिरोह के साथ फिर सक्रिय हो गया है। चित्रकूट के पीडब्ल्यूडी ठेकेदार से सात लाख की रंगदारी मांगी ।ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण का काम कराया जा रहा था। बीते दिनों चार से पांच की संख्या में असलहा के साथ आए गिरोह ने मुंशी को धमकी दी और सात लाख की रंगदारी मांगी गिरोह के सदस्यों ने कहा पहले रंगदारी भिजवा दो फिर सड़क पर काम करना इस घटना की शिकायत ठेकेदार ने चित्रकूट पुलिस को की है।

बताया जाता है कि दस्यु गौरी यादव पर मौजूदा समय में डेढ़ लाख का इनाम है ।इसके गैंग में आधा दर्जन से अधिक सदस्य हैं। गौरी यादव तकरीबन दो दशक से पाठा के बीहड़ों में सक्रिय हैं। और इसके अधिक तर अपराध यूपी पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज है। यूपी पुलिस के दबाव बढ़ने के बाद गौरी यादव गिरोह के साथ एमपी की सीमा में प्रवेश कर लेता है।

संवाददाता नरेंद्र कुशवाहा

संवाददाता सतना न्यूज डॉट नेट

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