ग्रामीणों ने खुद बनाया रास्ता

सतना \ प्रशासनिक अनदेखी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से नाराज ग्रामीणों को पीएम मोदी का आत्मनिर्भर बनने की अपील हौशला दे रही, सड़क की मांग कर-थक हार चुके ग्रामीणों ने अब खुद गांव के विकास के लिए आगे आ चुके , पीएम मोदी के स्वावलंबन की अपील से प्रेडणा लेकर ग्रामीण चंदा करके अपने बस्ती तक का पहुच मार्ग बनाने श्रम दान कर रहे, रामपुर चौरासी पंचायत का इद्रहा टोला वरसात के चार मास तक सड़क सपर्क दूर हो जाता था, ऐसे में अब ग्रामीण खुद कुदाली फावड़ा लेकर सड़क का निर्माण सुरू कर दिया, बूढ़े बच्चे और जवान हर कोई श्रमदान कर रहा और उनकी मेहनत सफल हो चुकी, हालांकि ग्रामीण सरकार प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जमकर कोस रहे ।

तीन सौ परिवार की आवादी बाला ये गांव है शहर मुख्यालय से महज आठ किलोमीटर दूर बसा रामपुर चौरासी गांव, सोहावल ब्लाक के इद्रहा बस्ती तक पहुचने कोई पक्का रास्ता नही, गर्मियों में लोग पगडंडी से आराम से आते जाते है मगर वरसात के मौसम में गांव में ही थोड़ी सी बरसात में कैद हो जाते है इस रास्ते से पैदल निकलना दूभर हो जाता था ।बच्चे स्कूल से बंचित हो जाते है और अन्य आपातकालीन स्थित में बेहद परेशानी उठाते थे ।गांव की सड़क निर्माण के लिए वर्षों से ग्रामीण आवाज उठाते रहे, लेकिन न स्थानीय पंचायत ने निर्माण कराया न ही जिले की बड़ी एजेंसियों ने, न ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों की समस्याओं की ओर ध्यान दिया, ऐसे में यहां के ग्रामीण बेबस थे मगर पीएम मोदी की स्वावलंबन और आत्मनिर्भर बनने की अपील इनके हौसले में चार चांद लगा दिया, गुस्से में उबल रहे ये ग्रामीण जन सहयोग से राशी एकत्रित की और फिर सामूहिक श्रमदान कर सड़क निर्माण सुरू कर दिया, कहते है एकता में शक्ति होती है और इसी एकता के चलते ग्रामीणों में डेढ़ किलोमीटर की सड़क चलने लायक बना डाली ग्रामीणों मॉने तो हर वर्ष झेल रहे परेशानी से निपटने आम सहमति से ये कदम उठाया जा रहा

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ऐसा नही की गांव तक पहुचने की सड़क पर कोई जमीनी विवाद है जिस जमीन पर पकडण्डी रूपी सड़क है इस सड़क का निर्माण 20 वर्ष पूर्व लोक निर्माण विभाग ने कराया था मगर मिट्टी डालकर बिभाग भूल गया सड़क लोक निर्माण विभाग के अधीन होने पर स्थानीय पंचायत भी इस सड़क को भूल गई ऐसे में यह बस्ती विकास के राह से दूर हो गई ऐसे में यहां के स्थानीय निवासी वेहद आक्रोशित हैं गुस्सा स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर है ग्रामीणों की मॉने तो नेता वोट मांगने आते है और फिर भूल जाते है जनता की समस्या से उनका कोई लेना देना नही

बहरहाल करोना संकट काल मे पीएम मोदी ने स्वावलंबी और आत्मनिर्भर को महत्व देने की बात कही और अब इसका असर भी दिख रहा सरकारी मदद की वर्सो से राह ताक रहे ये ग्रामीण अब खुद ही स्वालंबी बन गए आने जाने के लिए रास्ता बना रहे जो सात दसको से नही हो सका वो करोना संकट काल मे हो रहा वो भी विना सरकारी मदद के ।

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संवाददाता नरेंद्र कुशवाहा

संवाददाता सतना न्यूज डॉट नेट

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