कलयुग में नेता लक्ष्मी का अवतार है

इधर धनतेरस मनाने के लिये जहाँ नेता जी की लक्ष्मी बेकरार थीं तो वहीं उधर गरीब मजदूर की लक्ष्मिनिया काम पर जाने की तैयारी कर रही थी ,  भगवान विष्णु पृथ्वी कीअपनी इन दोनों लक्ष्मियो को बड़े ध्यान से देख रहें थे , तभी उनकी अपनी लक्ष्मी जी आ गईं , भगवान विष्णु अपने आप मे खोये हुये थे , उन्हें लक्ष्मी जी के आने का एहसास ही नहीं हुआ , शायद वे उस मजदूर की लक्ष्मी के बारे मे सोच रहें थे , जो वैभवहीन थी , लक्ष्मी जी को मृत्यु लोक पहुंचने की जल्दी थी सो उन्होने बाहर जाते हुये भगवान विष्णु से कहा – – मैं जा रही हूँ आज धनतेरस है , लोग मेरा इंतजार कर रहे है , और यह कहकर वे चल पड़ी तभी विष्णु जी ने उन्हे रोक कर कहा देवी , सबसे पहले आप किसके यहां जायेंगी ? लक्ष्मी जी ने कहा , कि सर्वप्रथम वे नेता जी के यहाँ जायेंगी विष्णु जी ने कहा कि आप हमेशा सबसे पहले नेता जी के यहाँ ही क्यों जाती है । लक्ष्मी जी ने अपने वाहन पर सवार होते हुये बताया कि – – कलयुग मे नेता , लक्ष्मी का साक्षात अवतार है । और हिन्दुस्तान मे वह सवा सौ करोड़
उल्लुओ पर सवार है । यह कहकर वे उल्लू पर सवार होकर सीधे नेता जी के यहाँ पहुंच ग ई –

डेस्क रिपोर्ट

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