कुप्रथा: यहां पूरा गांव करता है दुल्हा-दुल्हन के Private Part की पूजा

कुप्रथा: वैसे तो राजस्थान(Rajasthan) में शादी से जुड़े कई रिवाज हैं, लेकिन पाली(Pali) जिले के बसी कस्बे में एक ऐसी शादी है, जो इस गांव के लोगों के बीच चर्चा(Discussion) का विषय है. यहां शादी की रात दूल्हा-दुल्हन को अलग किया जाता है। इसके अलावा पूरा गांव दूल्हा-दुल्हन के गुप्तांगों की पूजा करता है। भारत में ऐसी कई मान्यताएं(Beliefs) हैं जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं। कुछ परंपराएं(Traditions) और कुप्रथाये ऐसी हैं जिन्हें उत्साह के साथ मनाया जाता है। आज हम आपको एक ऐसी परंपरा के बारे में बता रहे हैं, जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे।

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मान्यता क्या है?

शादी में पूरा गांव(Village) आमंत्रित होता है। जो बाहर हैं उन्हें सोशल मीडिया(Social Media) के जरिए कार्ड दिए जाते हैं। इस गांव में शिव और पार्वती के मंदिर(Temple) हैं। इस मंदिर में एक मूर्ति है, जिसे मौजीराम जी और मौजनी देवी के नाम से जाना जाता है। यहां के लोगों का मानना ​​है कि मौजीराम शिव(Shiv) का एक रूप है और मौजनी देवी पार्वती(Parvati) का एक रूप है।

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दुर्व्यवहार

एक कुप्रथा(Malpractice) है कि हर शादी में दूल्हे को गाली दी जाती है। यहां मौजीराम की मूर्ति(Sculpture) की पूजा की जाती है। उसके बाद उनके प्राइवेट पार्ट(Private Part) को सजाया जाता है। तब गांव के युवकों ने मौजीराम को अपने कंधों पर बिठा लिया, जबकि गाली-गलौज की आवाज के साथ बिंदली निकाली जाती है. इसके बाद प्रतिमा को पूरी तरह सजाया जाता है। यहां से होने वाला दूल्हा मौजीराम गीत गाते हुए मौजनी देवी के घर पहुंचता है। इस समय महिलाएं फूलों से उनका स्वागत(Welcome) करती हैं और गाली-गलौज भी करती हैं। गाली-गलौज गाने के जरिए की जाती है।

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प्राइवेट पार्ट की पूजा क्यों करते हैं?

एक कुप्रथा(Malpractice) है कि यहां शादी के बाद वर-वधू के गुप्तांगों(Private Part) की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि जिन जोड़ों के संतान(Children) नहीं होती है और उनकी पूजा करते हैं, उन्हें संतान सुख की प्राप्ति होती है। वहीं एक और तर्क(Logic) दिया जाता है कि इस पूजा के जरिए आने वाली पीढ़ी के लिए यौन शिक्षा(Sex Education) पर जोर दिया जाता है.

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हनीमून के बाद अलग हो जाते है ये कपल

एक कुप्रथा(Malpractice) है कि यहां दूल्हा-दुल्हन सात फेरे लेते हैं। फेरे के बाद सुहागरात(Honeymoon) मनाते है। इसके बाद बारात फिर लौट जाती है। कहा जाता है कि यह प्रथा कई सालों से चल रही थी लेकिन अश्लील होने के कारण इसे बीच में ही रोक दिया गया था, लेकिन गांव में कुछ बुरा ना हो इस कारण यह पूजा फिर से शुरू करते है।

Article By Sunil

सतना न्यूज डेस्क

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