भाजपा प्रत्याशी को मिला सिर्फ 1 वोट, जबकि घर में थे 5 सदस्य

लेखिका और कार्यकर्ता मीना कंडासामी ने ट्वीट किया, "स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा उम्मीदवार को केवल एक वोट मिलता है। अपने घर के चार अन्य मतदाताओं पर गर्व है जिन्होंने दूसरों को वोट देने का फैसला किया है।"

देश और दुनिया में सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी होने का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी को तमिलनाडु में चल रहे आम चुनावों में ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा है कि उसके सबसे बड़े राजनीतिक दल होने के दावे पर सवाल उठाया जाना चाहिए। तमिलनाडु में स्थानीय निकाय चुनाव में बीजेपी के टिकट पर वार्ड सदस्य के रूप में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को केवल एक वोट मिला, आश्चर्यजनक रूप से जब बीजेपी उम्मीदवार के परिवार में थे 5 सदस्य. यानी बीजेपी प्रत्याशी को सिर्फ उसका अपना वोट मिला और उसके परिवार के किसी सदस्य ने उसे वोट नहीं डाला.

यह खबर मीडिया में फैल गई और ट्विटर पर #Single_Vote_BJP ट्रेंड करने के साथ वायरल हो गई। लेखिका और कार्यकर्ता मीना कंडासामी ने ट्वीट किया, “स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा उम्मीदवार को केवल एक वोट मिलता है। अपने घर के चार अन्य मतदाताओं पर गर्व है जिन्होंने दूसरों को वोट देने का फैसला किया है।”

निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार डॉ. कार कार्तिक ने कोयंबटूर जिले में वार्ड सदस्य के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन तमाम प्रचार के बावजूद कार्तिक को केवल एक वोट ही मिला। हालांकि इसी सीट से बीजेपी प्रत्याशी के अलावा एक और प्रत्याशी भी लड़ रहा था और उसे भी सिर्फ 2 वोट ही मिले थे.

जिस निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव हो रहा था वहां के वार्ड सदस्य के लिए कुल 913 मत पड़े और विजयी प्रत्याशी को 387 मत मिले, दूसरे प्रत्याशी को 240 मत, तीसरे प्रत्याशी को 196 मत और चौथे प्रत्याशी को 387 मत मिले. बाकी उम्मीदवारों को 84 वोट मिले। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की कुल संख्या, वोट भी रद्द कर दिए गए।

बांदा में फिल्माई गई भोजपुरी फिल्म लिट्टी चोखा रिलीज हो गई है

डेस्क रिपोर्ट

ख़बरें पूरे विंध्य की http://satnanews.net/

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button