मुर्गे ने पेश की ऐसी बहादुरी की मिसाल.. मौत हुई तो परिवार ने दफनाया और तेरहवीं भी की, 500 लोग हुए शामिल

published by sipha- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक परिवार अपने पालतू मुर्गे की मौत का शोक मना रहा है। उन्होंने न केवल कानून के अनुसार अंतिम संस्कार किया, बल्कि तेरहवें समारोह का भी आयोजन किया। परिवार के इस कदम की चर्चा क्षेत्र ही नहीं पूरे जिले में है। कहा जाता है कि बहादुरी दिखाते हुए मुर्गे की जान चली गई।

इस मुर्गे का नाम लाली था और उसने अपने मालिक के बकरी के एक महीने के बच्चे को बचाते समय अपनी जान गंवा दी। बताया जा रहा है कि बकरी के बच्चे पर एक आवारा कुत्ते ने हमला कर दिया था और उसे बचाने के लिए लाली नाम का यह मुर्गा उसे कुत्ते से भिड़ गया। हालांकि, इस झगड़े में मुर्गे ने अपनी जान तो गवां दी, मगर बकरी के बच्चे को बचाने में वह सफल रहा।

मुर्गे ने पेश की ऐसी बहादुरी की मिसाल.. मौत हुई तो परिवार ने दफनाया और तेरहवीं भी की, 500 लोग हुए शामिल
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आवारा कुत्ता मेमने को खाने के लिए घर के पिछले हिस्से में आ गया था 

यह अजीबो-गरीब मामला प्रतापगढ़ जिले के फतनपुर थाना क्षेत्र के बेहदौल कलां गांव का है। बताया जा रहा है कि लाली के तेरहवीं कार्यक्रम में करीब 500 लोग शामिल हुए। बहादुर लाली के मालिक सालिकराम सरोज ने बताया कि यह घटना बीते सात जुलाई की है।

घर के पीछे बकरी का एक महीने का बच्चा खेल रहा था। लाली भी वहां रखवाली के लिए था। परिवार वाले भी घर के सामने वाले हिस्से में थे। तभी कुत्ते, मेमने और मुर्गे की जोर-जोर की आवाजें आनी शुरू हो गईं। आवाज लगातार जारी रही तो परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। यहां एक गली का कुत्ता पिछले हिस्से में घुस आया था।

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मेमने को बचाने के लिए अकेले कुत्तों से भिड़ गया लाली 

सालिकराम सरोज ने कहा, कुत्ते ने मेमने पर जैसे ही हमला किया, लाली उसे बचाने के लिए आ गया. उसने कुत्ते से लड़ाई की, तभी वहां कुछ और कुत्ते आ गए। लाली अकेले लड़ रही था। उसने कुत्तों को भगा दिया, लेकिन वह खुद गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद अगले दिन यानी 8 जुलाई को उनकी मौत हो गई।

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हमने उसे घर के पास ही दफना दिया और परिवार के किसी सदस्य के मरने पर की जाने वाली सभी रस्में पूरी कीं, ”सरोज के बेटे अभिषेक ने कहा कि पूजा करते हुए पिता ने तेरहवीं करने की पेशकश भी की, जिस पर पूरा परिवार राजी हो गया। तेरहवीं समारोह में लगभग पाँच सौ लोगों ने भाग लिया।

 

सतना न्यूज डेस्क

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