सिंधिया को हराने वाले केपी यादव ने खोल दी सिंधिया के दावों की पोल

MP News In Hindi : ग्वालियर-चंबल संभाग में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya M. Scindia) और गुना से BJP सांसद केपी यादव के बीच सब कुछ ठीक नहीं है . सिंधिया को हारने वाले केपी यादव ने खाद की कमी पर दिए गए सिंधिया के बयान की लोकसभा में पोल खोल दी , दरअसल एक तरफ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि खाद रैक के रैक पर रैक भेजे जा रहे है, वहीं दूसरी तरफ गुना से सांसद केपी यादव ने सोमवार को लोकसभा में खाद की कमी का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र समेत पूरे मध्य प्रदेश में खाद की कमी है.

बता दें कि इस बार मानसून के बाद हुई भारी बारिश के चलते इस बार किसानों को 15 दिन पहले डीएपी की जरूरत पड़ी थी. अब यूरिया की मांग तेजी से बढ़ी है। पहली बुवाई के बाद से ही फसल तेजी से बढ़ने लगी है।

अब उसे यूरिया की जरूरत है। हालांकि इस बार चना की खेती कम हुई है, वहीं गेहूं और सरसों की खेती भी बढ़ी है। इसीलिए अभी यूरिया की मांग ज्यादा होने के बावजूद वितरण केंद्र पर एक किसान को यूरिया की सिर्फ 2 बोरी ही दी जा रही है. किसान यह भी आरोप लगा रहे हैं कि काला बाजारी के जरिए यूरिया ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है.

सिंधिया ने ऐसा कहा

शनिवार को गुना का दौरा करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि आप खाद की बात कर रहे थे, इससे पहले पूरे ग्वालियर-चंबल संभाग में डीएपी की कमी थी. उर्वरक मंत्री से बात करते हुए हमने हर जिले में डीएपी पहुंचाने के लिए मिलकर काम किया। सिंधिया ने कहा कि क्योंकि डबल इंजन वाली सरकार भारतीय जनता पार्टी की है। चिंता मत करो, यूरिया की कमी थी, मैं एक के बाद एक यूरिया ग्वालियर, गुना, अशोकनगर भेज रहा हूं. मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि उर्वरकों की कोई कमी नहीं होगी।

केपी यादव ने संसद में उठाया मुद्दा

उधर, क्षेत्रीय सांसद केपी यादव ने सोमवार को लोकसभा में खाद का मुद्दा उठाया. उन्होंने संसद में कहा कि भारत सरकार के पास खाद की कोई कमी नहीं है. इस वर्ष समय पर बारिश और रबी फसल की बुवाई में वृद्धि के कारण लोकसभा क्षेत्र में उर्वरक की मांग में भी वृद्धि हुई है। इससे किसानों को परेशानी हो रही है।

लोकसभा क्षेत्र के साथ-साथ पूरे मध्य प्रदेश में उर्वरक वितरण की समस्या बनी हुई है। पहले डीएपी की कमी थी लेकिन अब यूरिया की मांग ज्यादा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की।

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