पंचायत चुनाव को लेकर शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, परिसीमन हुआ निरस्त

भोपाल : पंचायत चुनाव (Panchayat Election) को लेकर शिवराज सरकार (Shivraj Singh Chouhan) ने बड़ा ऐलान किया है. दरअसल, शिवराज सरकार ने कमलनाथ (Kamal Nath) सरकार द्वारा लिए गए फैसले को उलट दिया है और इसके तहत ऐसी पंचायतों का परिसीमन (Delimitation) निरस्त कर दिया है जहां पिछले एक साल से चुनाव (Election) नहीं हुए हैं. जी हां जो खबर सामने आ रही है उस पर विश्वास करते हुए अब ऐसे सभी जिलों, जिलों या ग्राम पंचायत चुनाव (Panchayat Election) तरीके से होगा.

पंचायत चुनाव को लेकर शिवराज सरकार का बड़ा फैसला

कहा जाता है कि यह व्यवस्था उन सभी पंचायत में लागू नहीं होगी, जिन्हें किसी भी शहरी क्षेत्र में शामिल किया गया है। इतना ही नहीं, इसके लिए सरकार ने मध्य प्रदेश Panchayat राज और ग्राम स्वराज (संशोधन) अध्यादेश-2021 अधिनियमित किया है, जिसकी अधिसूचना रविवार शाम को जारी कर दी गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार Panchayat को चुनाव से पहले प्रतिबंधित करने का प्रावधान है, जिसके कारण ऐसी Panchayat की सीमाएं, जहां सीमाएं तय की गई हैं, लेकिन इसके प्रकाशन के एक साल के भीतर चुनाव नहीं हुआ है को स्थिर शून्य माना जाता है। इस कारण अब एक प्रणाली लागू होगी, जो सीमांकन से पहले थी साथ ही आरक्षण यथावत रहेगा।

पंचायत चुनाव में जिला व जिला पंचायतों के संरक्षण पर नजर

हम आपको बता दें कि खरगोन में 137, नरसिंहपुर में 103 और राजगढ़ में 80, सागर में 25, खरगोन में 19 और शिवपुरी में 13 नई Panchayat बनी हैं. जहां तक ​​कमलनाथ सरकार की बात है तो 2019 में इस सरकार ने ग्राम Panchayat पर नए प्रतिबंधों के साथ जिले से करीब 1200 नई Panchayat बनाईं, जबकि अन्य 102 ग्राम Panchayat को समाप्त कर दिया गया. हम आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में करीब 23,835 ग्राम Panchayat हैं. इस स्थिति में 904 जिला Panchayat और 6035 जनपद सदस्य त्रिस्तरीय Panchayat का प्रतिनिधित्व करते हैं। वहीं, 2014-15 में हुए Panchayat चुनाव 2020 तक चले।

डेस्क रिपोर्ट

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