Ration Card धारकों के ल‍िए बुरी खबर, ल‍िस्‍ट से कट जाएगा आपका नाम! जान‍िए क्यों?

राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों ही राशन कार्डों पर नकेल कस रही है। पहले Ration Card सरेंडर करने को लेकर काफी खबरें आई थीं, जिसमें कहा गया था कि सरकार अपात्रों से वसूली करेगी। हालांकि सरकार ने बाद में इस संबंध में बयान जारी किया, लेकिन सरकार ने वसूली के मुद्दे पर विचार नहीं किया। अब एक बार फिर सरकार सक्रिय होती दिख रही है। अब सरकार एक बार फिर अपात्रों पर शिकंजा कस रही है और उनके नाम काट रही है।

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अपात्रों का कटेगा नाम!

अब यूपी सरकार ने राज्य में Ration Card रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. यूपी सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सरकार अपात्रों के नाम बदल कर अक्षर नाम जोड़ेगी, जिससे जो पात्र हैं और लाभ लेने में असमर्थ हैं उन्हें लाभ होगा। दरअसल, 2011 की जनगणना के अनुसार राशन कार्ड बनाने का सरकार का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है, अब नए Ration Card नहीं बन सकते। ऐसे में सरकार उन लोगों के नाम हटा रही है जो जरूरतमंदों को मुफ्त राशन देने के पात्र नहीं हैं और वहां पत्रों के नाम जोड़ रहे हैं. यूपी के विभिन्न जिलों से शुरू हुआ है।

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किस आधार पर जोड़े जा रहे नाम?

हम आपको बताते हैं कि पुरानी सरकार नए नाम नहीं जोड़ सकती, इसलिए नए Ration Card के लिए आवेदन को समायोजित करने के लिए पुराने कार्डों का सत्यापन किया जा रहा है और अपात्रों के राशन कार्ड रद्द किए जा रहे हैं. इसके बाद निरस्त अपात्र कार्डों की स्थापना के आधार पर नए जरूरतमंद पात्रों को राशन योजना का लाभ दिया जा रहा है। यानी अब भी 2011 की जनसंख्या के अनुपात के आधार पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा में नाम जोड़े जा रहे हैं, केवल सरकार ही इसके लिए जगह बना रही है। हालांकि, कई शहरों की आबादी 2011 की तुलना में 2022 में दोगुनी हो गई है।

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2021 में नहीं हुई जनगणना

गौरतलब है कि 2021 में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण जनगणना नहीं हो पाई थी। इसलिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए जनसंख्या अनुपात को बढ़ाना आवश्यक हो गया है, ताकि शहरी गरीब इस योजना से लाभान्वित हो सकें। ऐसे में सरकार ने एक नया तरीका निकाला है. इसके तहत नए Ration Card के लिए आवेदन राज्य के जिला आपूर्ति कार्यालयों और तहसील स्तर के पुनःपूर्ति कार्यालयों में जमा किए जाते हैं. फिर जांच के आधार पर अपात्रों के Ration Card रद्द कर उनके स्थान पर पात्र लोगों के Ration Card बनाए गए।

Article By Sunil

सतना न्यूज डेस्क

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