India के 7 अनोखे मंदिर जहां प्रसाद में मिलता हैं नॉन-वेजिटेरियन खाना!

आपको जानकर हैरानी होगी, लेकिन ये सच है। आज हम आपको भारत(India) के उन मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं जहा कुछ ऐसी ही विविधता यहां के मंदिरों में देखने को मिलती है। जहां भक्तों को प्रसाद के रूप में मटन-चिकन बाँटा जाता है। भारत(India) विविधताओं का देश है, जहां आपको जीवन शैली, भूगोल, खान-पान आदि में विविधता देखने को मिलेगी। भारत(India) में हजारों मंदिर हैं, जहां भक्त आते हैं और देवताओं को विभिन्न प्रकार के प्रसाद चढ़ाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश(India) में कुछ मंदिर ऐसे भी हैं जहां मांसाहारी भोजन प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। आइए जानते हैं इन मंदिरों के बारे में…

मुनियांडी स्वामी मंदिर, मदुरै

वडक्कमपट्टी तमिलनाडु में मदुरै जिले के पास एक छोटा सा गाँव है। गांव अपने वार्षिक मंदिर उत्सव में एक दावत का आयोजन करता है जहां 2000 किलो बिरयानी पकाया जाता है और प्रसाद के रूप में परोसा जाता है। स्थानीय लोगों का दावा है कि मुनियादी का पसंदीदा भोजन बिरयानी है।

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कामाख्या देवी मंदिर, असम

भारत(India) के असम के गुवाहाटी में स्थित कामाख्या देवी मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है। यह मंदिर तंत्र विद्या के लिए भी जाना जाता है। मंदिर में देवी को मछली और मांस चढ़ाया जाता है।

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विमला मंदिर, उड़ीसा

भारत(India) का विमला मंदिर ओडिशा के, पुरी में प्रसिद्ध मंदिर जगन्नाथ मंदिर परिसर के भीतर पवित्र तालाब रोहिणी कुंड के बगल में स्थित है। विमला को जगन्नाथ की तांत्रिक पत्नी और मंदिर परिसर की संरक्षक माना जाता है। इसलिए इसका महत्व जगन्नाथ मंदिर से भी अधिक है। बता दें कि भगवान जगन्नाथ को कोई भी प्रसाद महाप्रसाद के रूप में तब तक नहीं चढ़ाया जा सकता जब तक कि वह पहली बार विमला देवी को न चढ़ाया जाए। इस मंदिर में विशेष दिनों में देवी को मांस और मछली चढ़ाने का रिवाज चल रहा है।

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दक्षिणेश्वर काली मंदिर, पश्चिम बंगाल

भारत(India) के दक्षिणेश्वर काली मंदिर में भी पहले देवी काली को मछली की पेशकश की जाती है और फिर सभी भक्तों को भोग के रूप में परोसा जाता है। मां काली को मांसाहारी भोजन अर्पित करना एक अनुष्ठान माना जाता है।

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कालीघाट, कोलकाता

भारत(India) के कालीघाट कोलकाता की कुछ अलग मान्यताएं हैं, देवी के लिए बनाया जाने वाला भोग केवल शाकाहारी होता है। लेकिन यहां जानवरों की बलि दी जाती है और भक्तों द्वारा वहां भी लाया जाता है। बाद में इससे मांस पकाया जाता है और भक्तों को प्रसाद के रूप में परोसा जाता है।

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तारापीठ मंदिर, पश्चिम बंगाल

भारत(India) के तारापीठ मंदिर पश्चिम बंगाल के बीरभूमि जिले में स्थित एक शक्तिपीठ है। यहां देवी के भक्तों की भारी भीड़ रहती है। इस मंदिर को भी मांसाहारी मंदिर की श्रेणी में रखा गया है। भक्त यहां मछली और मांस चढ़ाते हैं।

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तरकुलहा देवी मंदिर, उत्तर प्रदेश

तरकुलहा देवी मंदिर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित है। इस मंदिर में हर साल वार्षिक खिचड़ी मेला आयोजित किया जाता है। जहां प्रशंसक जुटते हैं। विश्वास किया जाना है। यहां हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है। खासकर चैत्र नवरात्रि के दौरान इस मंदिर के दर्शन के लिए देश भर से लोग आते हैं। इस खास मौके पर वे देवी को एक बकरा चढ़ाते हैं। जिनकी मनोकामना पूर्ण होती है। यह मांस तब रसोइयों द्वारा मिट्टी के बर्तनों में पकाया जाता है। इसे भक्तों में प्रसाद के रूप में बांटा जाता है।

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Article By Sunil

सतना न्यूज डेस्क

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