उज्जैन को बनाएंगे उद्योग और विज्ञान की नगरी : सीएम शिवराज

उज्जैन, 11 जुलाई । आज उज्जैन में एक नये युग का प्रारम्भ हो रहा है। इसको फिर से उद्योगों और विज्ञान की नगरी बनाएंगे। एक तरफ उद्योग और दूसरी तरफ विज्ञान के क्षेत्र में उज्जैन देश का मार्गदर्शन करेगा। उज्जैन धर्म, आध्यात्मिक, विज्ञान, पुरातत्व, विद्वानों, शिप्रा की अदभुत नगरी है। दशों दिशाओं में उज्जैन का नक्षत्र चमकता रहेगा।

यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को डोंगला में स्थित नवनिर्मित वेधशाला के ऑडिटोरियम के ई-लोकार्पण अवसर पर कही। कालिदास अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने माधव नगर चिकित्सालय एवं नागदा में स्थापित पांच ऑक्सीजन प्लांट तथा चरक अस्पताल में 50 बच्चों के लिये बनाये गये चाइल्ड केयर वार्ड का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने स्मार्ट सिटी के अन्तर्गत निर्माण किये जाने वाले आठ कार्यों का भूमि पूजन किया। उन्होंने शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने वाले 45 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को सम्मानित कर उन्हें प्रमाण-पत्र वितरित किये।

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मुख्यमंत्री चौहान ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आजादी के पूर्व उज्जैन जिले में बड़ी-बड़ी कपड़ा मिलें थीं। हजारों लोगों को रोजगार मिला हुआ था, लेकिन किसी कारणवश यह मिलें बन्द करना पड़ी। लेकिन आज पुन: उज्जैन जिले में उद्योगों की स्थापना का शुभारम्भ किया जा रहा है। वस्त्र निर्माण की इकाई छह माह में बनकर तैयार हो जायेगी। इस इण्डस्ट्री से लगभग चार हजार महिलाओं को रोजगार मिलेगा। जल्द ही प्रतिभा सिंटेक्स इण्डस्ट्री का भूमि पूजन भी किया जायेगा। यहां भी चार हजार लोगों को रोजगार की प्राप्ति होगी। नागदा में स्थित ग्रेसिम इण्डस्ट्रीज में तीन हजार करोड़ से लेकर 11 हजार करोड़ रुपये तक का इन्वेस्ट होना है। छह अन्य औद्योगिक इकाइयां एक हजार 700 करोड़ की लागत से स्थापित की जायेंगी और इस तरह पुन: उज्जैन को उद्योगों की नगरी बनाया जायेगा।

उन्होंने कहा कि खगोल विज्ञान के क्षेत्र में डोंगला में स्थापित वेधशाला देश का मार्गदर्शन करेगी और इसका लाभ जनता को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि उज्जैन जिला धर्म एवं आध्यात्म की नगरी है। सिंहस्थ के दौरान यहां अनेक निर्माण कार्य किये गये थे। निर्माण कार्यों का सिलसिला अभी भी जारी है मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकाल के प्रांगण का विस्तारीकरण किया जा रहा है। इसके तहत बेगमबाग के लोगों को अन्यत्र शिफ्ट कर उस क्षेत्र को ऐसा विकसित किया जायेगा, जहां से वह सभी दिशाओं से न्यारा दिखे। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हमें उज्जैन जिले को अग्रणी बनाना है।

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उन्होंने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिये अभी से प्रयास करने होंगे। सभी लोग निश्चिंत होकर न बैठें, यह निश्चिंत होकर बैठने का समय नहीं है। महाराष्ट्र में कोरोना की लहर बरकरार है और महाराष्ट्र की सीमा हमारे प्रदेश से लगती है। कोरोना का वायरस बहुरूपिया है, आये दिन नये-नये रूप बदलता रहता है। डेल्टा वायरस इसके नये रूप हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन 70 से 80 हजार कोरोना के टेस्ट किये जा रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन को भी निर्देश दिये कि कोरोना की टेस्टिंग में कोई कसर बाकी न रखी जाये। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी कहा कि वे जनता को कोरोना का टेस्ट कराने के प्रति जागरूक करें।

मुख्यमंत्री चौहान ने लोगों से अपील की कि कोविड के संक्रमण को रोकने के लिये अनुकूल व्यवहार करें, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और सेनेटाइज का उपयोग करते रहें। उन्होंने समारोह स्थल पर सोशल डिस्टेंसिंग की सराहना की और कहा कि मास्क नहीं तो सामान नहीं देने का फार्मूला अपनाया जाये। दुकानों में गोले बनाये जायें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित किया कि उनके निर्देश के बाद पूरे देश में नि:शुल्क टीकाकरण का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने उज्जैन जिले में अब तक हुए 60 प्रतिशत टीकाकरण के कार्य की सराहना करते हुए निर्देश दिये कि इसे शीघ्र ही शत-प्रतिशत किया जाये।

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उन्होंने कहा कि कोरोना से तीसरी लहर से बचाव की तैयारी के लिये धन की कमी नहीं आने दी जायेगी। जिले से आज रोजगार, विकास, ज्ञान, धर्म, आध्यात्म, सावधानी का सन्देश जाये। उन्होंने क्राइसिस कमेटी की बैठक नियमित रूप से करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश को फिर से आत्मनिर्भर बनाकर देश में सर्वश्रेष्ठ स्थान पर लाकर खड़ा करेंगे उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.मोहन यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान ने आज जिले को अनेकों सौगात दी है। डोंगला वेधशाला भविष्य की ग्रीनविच बनने वाली है।

सच्चे अर्थों में समय की गणना उज्जैन के डोंगला से होगी। आज भारत की ज्ञान परम्परा को स्थापित किया गया है। इस वेधशाला में सभी संसाधन जुटाये गये हैं। अत्याधुनिक सभागार बनाया गया है। वेधशाला फिजिक्स एवं गणित का केन्द्र बनेगी। उज्जैन से समय की गणना होगी। इससे प्रदेश का नाम पूरे विश्व में बढ़ेगा। डॉ.यादव ने कहा कि साइंस सिटी के रूप में उज्जैन को पहचान दिलाई जायेगी। ऑडिटोरियम की सौगात भी मिली है। थ्रीडी के माध्यम से वेधशाला से नक्षत्र की गणना की जायेगी। वराहमिहिर एवं आर्यभट्ट के युग को वापस लाने का काम मुख्यमंत्री चौहान ने किया है।

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मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा कि आज उज्जैन एक नये युग का साक्षी बना है। ऑडिटोरियम की स्थापना हो या वेधशाला की स्थापना हो, चाहे अधोसंरचना विकास हो, आज जिले में इस क्षेत्र में बहुत कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सभी वर्ग की चिन्ता करते हैं। सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि मुख्यमंत्री ने आज टेक्सटाईल उद्योग की स्थापना कर एक अच्छी शुरूआत की है। मुख्यमंत्री कलयुग के भागीरथी हैं। कार्यक्रम में साइंस एवं टेक्नालॉजी विभाग के डॉ.अनिल कोठारी ने मुख्यमंत्री को विशेष प्रकार की दूरबीन भेंट की।

डेस्क रिपोर्ट

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