उज्जैन : महाकाल मंदिर के समीप खुदाई में मिल रहे नर कंकाल आततायियों द्वारा नरसंहार की संभावना…..!

उज्जैन, 21 जुलाई। महाकाल मंदिर के समीप हो रही खुदाई में परमारकालीन शिव मंदिर मिलने के बाद पुरातत्व विभाग द्वारा बड़ी सावधानी से खुदाई कार्य करवाया जा रहा है। इसी बीच खुदाई में नरकंकाल भी मिल रहे हैं। प्रतीत होता है कि आततायियों द्वारा नरसंहार किया गया होगा, उस समय मौत के घाट उतारे गए हिंदुओं के नरकंकाल निकल रहे हैं।

पुरातत्व विभाग अभी अधिकृत तौर पर कुछ भी कहने से इंकार कर रहा है, लेकिन यहां काम कर रहे अधिकारियों, मजदूरों से प्रत्यक्ष में जानकारी मिली है कि यहां पर खुदाई में नर कंकाल के हिस्से लगातार मिले। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का एक दल बीच में आया था।

समूह में हुई चर्चा को यहां काम कर रहे मजदूरों ने सुना था। उनका कहना था कि कानाफूंसी चल रही थी कि उस समय सामुहिक नरसंहार हुआ होगा। उस काल में पुरूषों की जो कदकाठी रही होगी, उसी कदकाठी के नरकंकाल हैं। आज के 100-200 वर्ष पुराने समय के पुरूषों की कदकाठी वाले नहीं है, हालांकि यह अभी भविष्य के गर्भ में है कि ये नरकंकाल कब के हैं, क्योंकि सामान्य रूप से कार्बन विधि द्वारा ही ऐसे मामलों में पुरातन समय निकाला जाता है, जोकि पुष्ट होता है।

सूत्रों के अनुसार चित्र में जो नर कंकाल निकला है, वह पुरा ही है। इसे सावधानी के साथ सुरक्षित रखवाया गया है और भोपाल सूचना दी गई है। आनेवाले समय में इस पर से पर्दा उठेगा कि यह कंकाल किस समयकाल का है और उस समय क्या हुआ होगा। यदि रक्तपात की स्थिति बनी होगी तो चोंट के निशान भी गहरे से मिलेंगे , क्योंकि उस समय जो हथियार उपयोग में लाए जाते थे, वे हड्डियों तक वार करते थे।

इस संबंध में खुदाई कार्य देख रहे पुरातत्वविद देवेंद्रजी जोधा के अनुसार उन्होंने अपने भोपाल स्थित वरिष्ठों को जानकारी दी है जो भी मार्गदर्शन मिलेगा, उस अनुसार काम किया जाएगा।

डेस्क रिपोर्ट

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