अमरकंटक रीवा के बीच बनने वाला मार्ग समय सीमा के भीतर तैयार नहीं होगा

The route between Amarkantak-Rewa will not be ready within the time limit.

अनूपपुर । अगर यही रफ्तार रही तो अमरकंटक रीवा के बीच बनने वाला मार्ग समय सीमा के भीतर तैयार नहीं होगा स्टेट हाईवे रीवा अमरकंटक मुख्य मार्ग एवं जिला मुख्यालय से राजेंद्रग्राम होकर पर्यटन स्थल अमरकंटक जाने वाला रास्ता बीते 3 माह से किरर घाटी के ऊपर बने बांध के कारण पहाड़ में दरार पड़ने के कारण मरम्मत के लिए अवरुद्ध है रास्ता बंद हो जाने के कारण यात्रियों को लंबी दूरी और अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है करीब 1 किलोमीटर सड़क 3 स्थानों पर रिटर्निंग बाल और करीब 1 किलोमीटर की नाली का निर्माण किया जाना है जिसमें दो रिटर्निंग वालों का कार्य पूरा हो चुका है तीसरे का काम आधा है उम्मीद है कि नवंबर तक सड़क चालू हो जाएगी

ज्ञात हो कि 27 जुलाई को भारी बारिश के कारण घाटी के ऊपर बने बांध के कारण पहाड़ में दरार पडऩे से सडक़ 3 जगहों पर धसक गई और पत्थर गिरने से नाली और सडक़ को नुकसान पहुंचा था।

मप्र सडक़ विकाश प्राधिकरण 2 करोड़ की लागत से सडक़ की मरम्मत और पहाड़ी में दरार को रोकने क्षतिग्रस्त हिस्सों में रिटर्निंग बाल का निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है लेकिन कार्य की धीमी गति को लेकर राजनीतिक दल रोज ज्ञापन सौंपकर शीध्र कार्य करायें जाने की बात कह रहें हैं। वही विभाग का कहना हैं कि कार्य पूरा होने में करीब 3 माह लगेगा। करीब 1 किलोमीटर की सडक़ और नाली सहित तीन स्थानों पर रिटर्निंग वॉल का निर्माण किया जाना है। नीचे करीब 35 मीटर ऊंची रिटर्निंगवाल बनाई जा रही है। 3 स्टेप में रिटेनिंग वॉल की दीवार खड़ी की जानी है जिस पर अभी तक केवल 2 स्टेप का हीं काम हो पाया है।

तीसरे रिटर्निंग वाल का काम अभी आध हो चुका है। नए सिरे से सडक़ और नाली बनाने का काम भी अधर में पड़ा है। जहां दो राजमिस्त्री और चार मजदूर ही काम पर रखे गए हैं। अधिकारी और ठेकेदार भी नियमित नहीं आने कार्य की मानीटरिंग नही हो पा रही। ज्ञात हो कि इस कार्य का ठेका तिरुपति बिल्डकॉन कंपनी को मिला हुआ है। ठेकेदार जैसा काम चाह रहा है वैसा विभाग के अधिकारी करने को मजबूर दिख रहे हैं।

अनूपपुर से राजेंद्र ग्राम की दूरी करीब 25 किलोमीटर है, रास्ता बंद हो जाने के बाद अब लोगों को 45 किलोमीटर तय करनी पड़ रही है। समय के साथ लोगों का धन न असुरक्षित बनी घाट पर यात्रा करते समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता। आवागमन बंद होने से ग्रामीण, व्यापारी, पर्यटक सभी प्रभावित है।

मप्र सडक़ विकाश प्राधिकरण के एसडीओ मुकेश बेले ने बताया कि दो रिटर्निंग वॉल बनाई जा चुकी हैं। तीसरे पर कार्य प्रारभ्भ हैं। सडक़ और नाली का काम किया जाना है। नवंबर तक रास्ता प्रारभ्भ होने की उम्मीद है।

डेस्क रिपोर्ट

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