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एमपी: डेढ़ वर्ष के पुत्र ने दी martyr पिता का मुखाग्रि, अंतिम संस्कार में शामिल हुए एडीजे

अशोकनगर, 14 मई (हि.स.)। गुना के सहरोक के जंगल में शिकारियों से जूझते हुए martyr हुए सब इंस्पेक्टर राजकुमार जाटव का पार्थिव शरीर उनके ग्रह नगर अशोकनगर लाया गया। जहां शनिवार को उन्हें पुलिस द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। शहर के विदिशा रोड़ स्थित उनके निवास के आगे उनके अंतिम दर्शन करने हजारों की तादाद में लोग एकत्रित रहे और शोक स्वरूप आसपास की दुकानें बंद रहीं। इस अवसर पर स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा भोपाल से एडीजे विजय कटारिया भी यहां आये।

martyr राजकुमार के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार को ले जाते समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल एवं एसडीओपी संजय चतुर्वेदी आदि पुलिस जवान और लोगों द्वारा उन्हें कंधा दिया। martyr राजकुमार के पार्थिव शरीर के मुक्तिधाम पर पहुंचने पर उनके अंतिम संस्कार से पूर्व उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। जहां राज्यमंत्री बृजेन्द्र सिंह के अलावा एडीजे विजय कटारिया, कलेक्टर उमामहेश्वरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल, एसडीएम नेहा जैन, एसडीओपी संजय चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं जनसमूह शामिल रहा।

सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर के पुत्र थे martyr सब इंस्पेक्टर:
शिकारियों की मुठभेड़ में अपने दो पुलिस जवानों के साथ शहीद हुए सब इंस्पेक्टर राजकुमार जाटव के पिता भी पुलिस में सब इंस्पेक्टर के रूप में सेवा निवृत्त हुए हैं। शहीद राजकुमार 2018 बेच के सब इंस्पेक्टर थे और वर्तमान में गुना में पदस्थ थे। martyr राजकुमार का डेढ़ वर्ष का पुत्र है, जिससे हाथ लगवा कर उनके भाई द्वारा उनके अतिंम संस्कार की क्रिया की गई।

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एक करोड़ की सहायता और नौकरी
शिकारियों की मुठभेड़ में सहित हुए सब इंस्पेक्टर राजकुमार जाटव एवं उनके दो साथियों नीरज भार्गव और संतराम मीणा की शहादत पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा उनके परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये की सहायता राशि एवं प्रत्येक परिवार जन को नौकरी देने की घोषणा की गई है।

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