शिवराज सरकार देगी महिला एवं बाल विकास विभाग की कायर्कर्ताओं को तोहफा

महिला एवं बाल विकास विभाग की कायर्कर्ताओं के लिए खुस करने वाली खबर है शिवराज सरकार इन कार्यकर्ताओ को तोहफा देने जा रहे है असल में कई सालो से जो कार्यकर्ता मोबाइल फोन के लिए परेशान थी उन्हें मिख्यालय की तरफ से अब मोबाइल देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है अगर सब कुछ ठीक रहा तो जल्दी ही उन्हें विभागीय काम के लिए मोबाइल फोन मिल जाएगा 

भोपाल, 06 नवम्बर । महिला एवं बाल विकास विभाग की कायर्कर्ताओं के लिए खुस करने वाली खबर है शिवराज सरकार इन कार्यकर्ताओ को तोहफा देने जा रहे है असल में कई सालो से जो कार्यकर्ता मोबाइल फोन के लिए परेशान थी उन्हें मिख्यालय की तरफ से अब मोबाइल देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है अगर सब कुछ ठीक रहा तो जल्दी ही उन्हें विभागीय काम के लिए मोबाइल फोन मिल जाएगा 

मध्य प्रदेश (MP) में खाते में पैसे भेजने की जगह अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल दिए जाएंगे. दरअसल, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल की जगह वेतन देने के विकल्प पर सहमत नहीं था. उसके बाद राज्य में 76,263 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए मोबाइल फोन खरीदे जाएंगे. हालांकि, मोबाइल खरीदने के नियमों में बदलाव किया गया है।

दरअसल, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी सरकारी पोर्टल से टेंडर के साथ मोबाइल फोन खरीदेंगे. इससे प्रदेश की 76263 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को काफी लाभ होगा। बता दें कि टेंडर प्रक्रिया में व्यवधान के कारण महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को 4 साल से मोबाइल फोन उपलब्ध नहीं कराया है. इसके बाद मंत्रालय से मांग की कि मोबाईल का पैसा खाते में जमा कराया जाए. हालांकि मंत्रालय मोबाइल के बदले भुगतान की अनुमति नहीं दी है।

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पता चला है कि प्रदेश में 57,000 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र हैं. जहां ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए वर्कर्स को मोबाइल फोन की जरूरत होती है। साथ ही मोबाइल फोन के माध्यम से महिला कर्मियों की उपस्थिति भी ली गई। केंद्र सरकार ने तब राज्य सरकार को 10,000 मोबाइल प्राप्त करने के लिए धन उपलब्ध कराया था।

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महिला एवं बाल विकास विभाग चार साल से टेंडर के जरिए खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन किसी न किसी वजह से मामला ठप हो गया है. उस समय टेंडर में भी बड़ी विसंगतियां पाई गई थीं। इसे देखते हुए अक्टूबर 2020 में मुख्य सचिव और सीएम शिवराज समेत विभाग के मुख्य सचिव ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को पत्र लिखकर कर्मचारियों के लिए अनुमति मांगी थी. जिसका मंत्रालय ने खंडन किया है। उसके बाद अब कार्यकर्ताओं को मोबाइल फोन खरीदने की व्यवस्था की जाएगी।

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