नगर निगम का सफाई दरोगा पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार

ग्वालियर, 15 जुलाई । मध्यप्रदेश में लोकायुक्त द्वारा आए दिन अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते पकड़ा जा रहा है, इसके बावजूद यहां भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लग पा रही है। इसी क्रम में ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को सुबह-नगर निगम के एक सफाई दरोगा को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सफाई दरोगा ने एक कर्मचारी से उसका लम्बित वेतन निकलवाने के एवज में रिश्वत की मांग की थी।

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक संजीव सिन्हा ने बताया कि विभागीय टीम ने ग्वालियर नगर निगम के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर (सफाई दरोगा) अशोक धवल को लक्ष्मण खरे नामक एक नगर निगम कर्मचारी से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा है। सफाई दरोगा ने अशोक धवल ने नगर निगम कर्मचारी लक्ष्मण खरे से उसके दो माह के लम्बित वेतन भुगतान के एवज में रिश्वत की मांग की थी, जिसकी शिकायत खरे ने लोकायुक्त पुलिस से की थी।

फरियादी खरे ने शिकायत में बताया था कि उसका दो माह का वेतन करीब 60 हजार रुपये रुपये निकालने के लिए सफाई दरोगा अशोक धवल ने उससे 10 प्रतिशत के हिसाब से 6000 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। बाद में सौदा पांच हजार रुपये में तय हुआ। शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त ने योजनाबद्ध तरीके से लक्ष्मण खरे के माध्यम से गुरुवार सुबह अशोक धवल को पड़ाव स्थित डफरिन सराय नगर निगम के स्टाफ क्वार्टर के पास बुलवाया।

आवेदक ने जैसे ही उसे पांच हजार रुपये दिये, उसी समय डीएसपी प्रद्युम्न पाराशर के नेतृत्व में लोकायुक्त की टीम ने आरोपित सफाई दरोगा अशोक धवल को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त टीम आरोपित को अपने साथ आफिस लेकर आई है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है लोकायुक्त पुलिस ने आरोपित सफाई दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

 

डेस्क रिपोर्ट

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