MP News : बेबस पिता बेटे को पीठ पर लाद कर भटका, नंबर बढ़वाने में लगे रहे डॉक्टर, नर्स और कर्मचारी

MP News: Helpless father wandered by carrying son on his back, doctors, nurses and employees engaged in increasing the number

बेबस पिता बेटे को पीठ पर लाद कर भटका

गुना, 16 सितम्बर । एक तरफ राज्य स्तरीय कायाकल्प टीम अस्पताल में ब्यवस्थाये सुधारने के लिए मंथन करने पहुंची तो दूसरी तरफ एक बेबस पिता अपने बेटे का ईलाज कराने के पीठ पर लाद कर घूम रहा था उस वक्त अस्पताल में कई डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारी इस दौरान टीम के साथ मौजूद थे, लेकिन उन्होंने भी इसको अनदेखा कर दिया। वे भी बस टीम की आवभगत और उसके सामने अपने नंबर बढ़वाने में लगे रहे। किसी ने भी इस लाचार पिता को स्ट्रेचर तक नहीं दिलवाया 

जिला अस्पताल से फिर मानवता को शर्मसार करने वाले दृश्य सामने आए हैं। यहां अपने बेटे का इलाज कराने पहुंचे पिता को अपने बीमार बेटे को पीठ पर उठाकर एक्सरे कक्ष तक ले जाना पड़ा। व्यक्ति अस्पताल की नई बिल्डिंग की पहली मंजिल से बच्चे को पीठ पर लादकर 200 मीटर दूर दूसरी बिल्डिंग में बने एक्सरे रूम में ले गया। उसे स्ट्रेचर तक उपलब्ध नहीं हो सका।

हालांकि पिता का कहना है कि वह बच्चे का इलाज जल्दी करवाना चाहता था, इसलिए स्ट्रेचर की जगह वह उसे पीठ पर लादकर ही एक्सरे कराने ले गया। जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर म्याना इलाके के रहने वाले अमृत सेन के बेटे प्रदीप सेन को कई दिन से बुखार आ रहा था। उन्होंने म्याना में दिखाया लेकिन फायदा नहीं हुआ। इसके बाद वे अपने बच्चे का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे थे। उनके बेटे को तेज बुखार था। सुबह बेटे को अस्पताल की नई बिल्डिंग में भर्ती कर दिया। वह पहली मंजिल स्थित जनरल वार्ड में भर्ती हुआ। इसके बाद डॉक्टर आये और उन्होंने कई जांच कराने को कहा। साथ ही एक्सरे कराने के लिए भी डॉक्टरों ने कहा।

एक्सरे कक्ष पुरानी बिल्डिंग में बना हुआ है। नई बिल्डिंग से वह लगभग 200 मीटर दूर है। अमृत ने जल्दी में अपने बच्चे को पीठ पर लादा और एक्सरे कराने के लिए चल पड़े। पहली मंजिल से वे नीचे आये और फिर नई बिल्डिंग स्थित एक्सरे कक्ष तक पहुंचे। यहां एक्सरे कराने के लिए उन्हें दो कमरों में जाना पड़ा। एक कमरे में पर्ची बनी और दूसरे में एक्सरे हुआ। इस दौरान वे अपने बेटे को पीठ पर ही लादे रहे। एक्सरे होने के बाद वे फिर बच्चे को पीठ पर लादे ही वार्ड में वापस गए। न तो उन्हें स्ट्रेचर मिला और न ही किसी वार्ड बॉय या अस्पताल के किसी कर्मचारी ने उनकी मदद की।

कायाकल्प की टीम के सामने हुआ सब

जिस समय अमृत अपने बच्चे को पीठ पर लादकर एक्सरे कराने पहुंचे, उसी समय राज्य स्तरीय कायाकल्प टीम अस्पताल में पहुंची हुई थी। संयोग से उस समय टीम एक्सरे कक्ष का ही निरीक्षण कर रही थी। टीम के सामने ही यह सब होता रहा, पर टीम का ध्यान इस ओर नहीं गया। वहीं अस्पताल के कई डॉक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारी इस दौरान टीम के साथ मौजूद थे, लेकिन उन्होंने भी इसको अनदेखा कर दिया। वे भी बस टीम की आवभगत और उसके सामने अपने नंबर बढ़वाने में लगे रहे।

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डेस्क रिपोर्ट

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