MP: एरियर भुगतान की मांग को लेकर, कर्मचारी करेंगे आज से आंदोलन

भोपाल, 20 जुलाई।मध्यप्रदेश में कोरोना (कोविड-19) वायरस का प्रकोप अब जैसे ही कम हुआ है, राज्य कर्मचारियों ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। वे लम्बे समय से लंबित अपनी मांगों को हर हाल में पूरा करवाना चाहते हैं। कर्मचारी संगठनों के नेतओं का कहना है कि हम अपनी जायज मांगों को लेकर सरकार से कह रहे हैं, अपने हक की मांग करना कोई गलत नहीं है। हमारे साथ सभी विभागों के कर्मचारी हैं और आज से एक विशाल आन्दोलन का आगाज होने जा रहा है।

गौरतलब है कि प्रदेश में पांच लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारी महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने को लेकर एक दिन की हड़ताल पर जा रहे हैं। मंत्रालय कर्मचारी संघ ने प्रदर्शन की सूचना राज्य सरकार को दे दी है। अभी मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को एक जनवरी 2019 की स्थिति में 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। यदि राज्य सरकार अपने यहां केंद्र के बराबर डीए देने देती है तो उसे हर माह 720 करोड़ रुपये अतिरिक्त यानी कि वर्ष भर में लगभग आठ हजार 640 करोड़ रुपये देने होंगे।

इस संबंध में मध्य प्रदेश सचिवालय (मंत्रालयीन) में कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक का कहना है कि लम्बे समय से हमारे हितों से जुड़े कई मामलों में सरकार ने ध्यान नहीं दिया है। अब हम उन सभी को पूरा करवाने के पक्ष में हैं। हमें आश्वासन नहीं चाहिए, परिणाम चाहिए। उन्होंने कहा कि अभी एरियर सहित वेतन-वृद्धि, केन्द्र के समान मंहगाई भत्ता, राज्य प्रशासनिक सेवा और लेखा सेवा की तरह प्रति आठ वर्ष में उच्च पद पर क्रमोन्नति देने संबंधी संशोधन मंत्रालयीन भर्ती नियमों में करने की जरूरी है। इसी प्रकार से अन्य लंबित मंत्रालयीन मांगों के प्रति शासन का ध्यानाकर्षण करने के लिए मंत्रालयीन कर्मचारी संघ द्वारा विशाल प्रदर्शन किया जा रहा है।

सुधीर नायक ने कहा कि कर्मचारियों को 200 रुपये परिवहन भत्ता मिलता है, जो हास्यास्पद है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनका महंगाई भत्ता केंद्र के सामान बढ़ाया जाए, क्योंकि महंगाई लगातार बढ़ रही है और भत्ता जीवन-यापन के लिए बहुत जरूरी है। रुकी हुई वेतन वृद्धि भी जल्द मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा दिया है । सरकार ने डीए और डीआर पर लगी रोक हटा ली है। डीए और डीआर 17 फीसदी से बढ़ाकर 28 फीसदी कर दिया गया है। प्रदेश के लिए भी हमारी यही मांग है।

वे कहते हैं कि यह आज दोपहर से कर्मचारियों का होने जा रहा प्रदर्शन कोविड गाइडलाइन का ध्यान रखते हुए ही किया जा रहा है । जोकि वल्लभ भवन क्रमांक दो के सामने गेट नंबर छह पर दोपहर 12 बजे से आरंभ होगा और शाम तक चलेगा। आज हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो यह आन्दोलन लम्बा चलेगा।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले कोरोना काल में ही जूनियर डॉक्टर्स और नर्सेस का आंदोलन सभी के सामने आया था। सोमवार को भी कर्मचारियों का प्रदर्शन हुआ था, यह प्रदर्शन विधानसभा के कर्मचारियों के मध्य प्रदेश विधानसभा साचिवालय संघ द्वारा गेट नं. तीन पर शंखनाद करते हुए आरंभ किया गया था।

ये हैं मुख्य मांग : –

  1. -मध्य प्रदेश को केंद्र के समान महंगाई भत्ते दिए जाएं, केंद्र से अभी 12 फीसदी कम है अभी यह ।
  2. -राज्य में पिछले पांच साल से पदोन्नति बंद है, पदोन्नति शुरू करने की मांग कर्मचारियों की है ।
  3. -पिछले दो साल से वेतन वृद्धि नहीं की गई है, सरकार यह बिना देरी के शुरू करे।
  4. -इसी प्रकार से वेतन में अभी तमाम विसंगतियां हैं, उन्हें दूर करने की मांग कर्मचारी संगठनों की है।

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