MP : शिक्षा मंत्री के बंगले के बाहर प्रदर्शन, ये हैं मांग

भोपाल, 12 जुलाई । प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षा में पास हो चुके चयनित शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद नियुक्ति पत्र के लिए संघर्ष कर रहे चयनित शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के बंगले के सामने और लोक शिक्षण संचालनालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।

चयनित शिक्षक संघ का कहना है कि वर्ष 2018 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले सितंबर महीने में शिक्षकों की भर्तियां निकाली थीं। स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कल्याण विभाग द्वारा प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के माध्यम से सयुंक्त पात्रता परीक्षा के अंतर्गत उच्च माध्यमिक शिक्षक के 19,220 पद पर एवं माध्यमिक शिक्षक के 11,374 पद पर भर्ती निकाली गई थी। इसकी पात्रता परीक्षा, परीक्षा परिणाम और इसके बाद दोनों विभागों द्वारा काउंसिलिंग प्रक्रिया के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों की मेरिट और वेटिंग लिस्ट जारी होने के बाद नियुक्ति के लिए दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया शुरू हुई।

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बीते तकरीबन एक वर्ष से दस्तावेज सत्यापन की यह प्रक्रिया अटक-अटककर चलती रही। हमारी नियुक्ति अभी तक लंबित है। दो साल पहले परीक्षा और परिणाम प्राप्ति के बाद भी हम चयनित शिक्षक लगातार प्रताडि़त हो रहे हैं। 30594 चयनित अभ्यर्थी अपने परिवार सहित कई प्रकार के आर्थिक और सामाजिक संकटों से जूझ रहे हैं।

चयनित शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री से मांग की कि स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय विभाग द्वारा इस प्रकार की असंवेदनशीलता को देख आप हमारे मुद्दे को महत्वपूर्ण मानते हुए हमारी लंबित नियुक्तियां हमें तत्काल प्रदान करने के लिए आदेश जारी करें, ताकि सभी चयनित शिक्षक विद्यालयों में पहुंच कर अपना कर्तव्य निभाते हुए प्रदेश की नई पीढ़ी का उज्ज्वल भविष्य गढऩे में सहायक बन सकें।

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