बेटियों की विदाई में भावुक हुए MP के CM

भोपाल, 15 जुलाई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को अपनी तीन बेटियों की शादी में दिन भर व्यस्त रहे। वे गणेश मंदिर पर कभी व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचते तो कभी विवाह स्थल पर व्यवस्था पर नजर रखते। वे सुबह से देर रात तक अपनी बेटियों की शादी में व्यस्त रहे।

दरअसल, मुख्यमंत्री चौहान की तीन दत्तक पुत्रियों की गुरुवार को विदिशा जिले के बाढ़ वाले गणेश मंदिर परिसर में शादी थी। इस दौरान मुख्यमंत्री चौहान अपनी पत्नी साधना सिंह के साथ एक सामान्य माता-पिता की तरह हर व्यवस्था पर नजर रखे हुए थे। शाम को जब बाढ़ वाले गणेश मंदिर पर तीन दूल्हों की बरात आई तो द्वारचार की रस्म उनके बेटे कार्तिकेय और कुणाल ने निभाई। वहीं मुख्यमंत्री ने स्वागत द्वार पर हाथ जोड़कर बरातियों की अगवानी की। इसके बाद विवाह की रस्में चलती रही। इसके बाद मुख्यमंत्री ने भावुक होकर अपनी तीनों बेटियों की विदाई की। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब अपनी दत्तक बेटियों को विदा कर रहे थे तो ऐसा लग रहा था कि उनकी सगी बेटियां विदा हो रही हैं।

बता दें कि मुख्यमंत्री चौहान की कोई सगी बेटी नहीं है। उन्होंने 22 साल पहले सांसद रहते सात बेटियों को गोद लिया था। तब से यही बेटियां उनकी सबकुछ रही हैं। उनके रहन-सहन से लेकर पढ़ाई और शादी की जिम्मेदारी भी चौहान और उनकी पत्नी साधना सिंह ने ही निभाई। सुंदर सेवा आश्रम में रहने वाली सात में से चार बेटियों की पहले शादी हो चुकी है। गुरुवार को अन्य तीन बेटियों प्रीति, राधा और सुमन की शादी हुई। इस शादी के लिए मुख्यमंत्री 11 घण्टे विदिशा में ही रहे। विवाह स्थल पर कुछ चुनिंदा मेहमान ही मौजूद थे।

मंदिर के आंगन में हुआ पाणिग्रहण संस्कार

बाढ़ वाले गणेश मंदिर के आंगन में ही तीनों बेटियों के विवाह के लिए मंडप बनाए गए थे। जहां पर पंडित विष्णु प्रसाद शास्त्री, पं. संतोष शास्त्री और पं. रामबाबू शास्त्री ने मुख्यमंत्री चौहान और उनकी पत्नी को कन्यादान का संकल्प दिलाया। चौहान दंपति ने शादी की सभी रस्मों के साथ तीनों बेटियों का कन्यादान किया।

इसके बाद भंडारी गार्डन में वरमाला का आयोजन किया गया। जहां पर मेहमानों ने नवयुगलों को बधाइयां दी। इस आयोजन में प्रीति और सुमन का विवाह विदिशा में ही रहने वाले रोहन और प्रशांत यादव के साथ हुआ। वहीं राधा का विवाह रायसेन जिले की बरेली तहसील के रहने वाले सोनू मेहरा के साथ संपन्न हुआ।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट के माध्यम से इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि विदिशा में बाढ़ वाले गणेश जी की आज विवाह बंधन में बंध रहीं तीनों बेटियों राधा, प्रीति, सुमन और परिवार के साथ दर्शन-पूजन कर बेटियों के भावी जीवन के लिए मंगल कामना की। प्रभु, मेरी लाडलियों पर अपनी कृपा की अनवरत वर्षा करते रहना, यही करबद्ध प्रार्थना।

उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा है कि -तीनों बेटियों राधा, प्रीति, सुमन के विवाह के शुभ अवसर पर उनके नाम पर पौधे रोपकर इस अमूल्य घड़ी को सदैव के लिए संजो लिया। कभी इन पेड़ों की छांव में बैठकर बेटियों को याद करूंगा, तो कभी उनके साथ चाय की चुस्कियों का आनंद लूंगा। मेरी लाडलियों सदैव खुश रहो,इस पिता का यही आशीर्वाद है! बेटियों का भविष्य कैसे बेहतर बने, इसके लिए हम दोनों निरंतर प्रयास करते रहे। उनके विवाह के रूप में आज एक बड़ा दायित्व पूरा हो रहा है। बेटियों के भावी मंगलमय जीवन को देखते हुए मन में संतोष का भाव है, तो उनकी विदाई से दु:ख भी।

शिवराज ने कहा कि जब मैं विधायक था, तब हमने एक बेटी की शादी की थी। उस बिटिया का विवाह करवाकर मुझे असीम शांति मिली। फिर सांसद रहते हुए गरीब बेटियों का विवाह प्रारंभ किया। सीएम बनने के बाद मैंने ‘मुख्यमंत्री कन्यादान योजना’ प्रारंभ की और फिर बेटियों के कल्याण के लिए लाडली लक्ष्मी योजना भी शुरू की।

एक ज़िम्मेदार नागरिक होने के नाते मैं यह सोचता हूँ कि ऐसे बच्चे, जिनका कोई नहीं है, उन्हें कैसे सड़क पर छोड़ दिया जाए! इसी सोच से जन्मी है मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना। इसके अंतर्गत अनाथ बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था, रु. 5,000 प्रतिमाह पेंशन, राशन की व्यवस्था की जाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे पास जब राधा, प्रीति, सुमन आई थीं, तो तीनों बेटियां की उम्र डेढ़ से तीन वर्ष थी। इनका कोई अभिभावक नहीं था, तो मैंने इन्हें अपने पास रखने का निर्णय लिया। साधना जी ने इनका लालन-पालन बड़े प्यार से किया और आज हमारी इन बेटियों का विवाह है। मैं बहुत प्रसन्न हूं।

 

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