नागरिकों को शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारीः सिलावट

ग्वालियर, 15 जुलाई । नागरिकों को शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी को पूरी मुस्तैदी के साथ निभाया जाए। ग्वालियर में पेयजल संकट को देखते हुए ककैटो, पहसारी से तिघरा जलाशय में पानी लाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जाए। यह बात प्रदेश के जल संसाधन, मछुआ कल्याण एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने गुरुवार को नगर विकास की समीक्षा बैठक में कही।

बैठक में राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह, सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा, पूर्व मंत्री इमरती देवी, पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल, पूर्व विधायक रामबरन सिंह गुर्जर, भाजपा जिला अध्यक्ष शहर कमल माखीजानी, ग्रामीण अध्यक्ष कौशल शर्मा, पूर्व ग्रामीण अध्यक्ष भाजपा वीरेन्द्र जैन, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा संभाग आयुक्त आशीष सक्सेना, पुलिस महानिरीक्षक अविनाश शर्मा, डीआईजी राजेश हिंगणकर, कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक अमित सांघी, नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा व जिला पंचायत सीईओ किशोर कान्याल समेत अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि पेयजल की आपूर्ति के लिये ककैटो, पहसारी से तिघरा जलाशय में पानी लाने का कार्य नगर निगम एवं जल संसाधन विभाग समन्वित रूप से करे। इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा किया जाए। इसके साथ ही शहर में स्थापित ट्यूबवेलों के संधारण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। शहर के साथ-साथ नगर निगम के 61 से 66 तक के ग्रामीण क्षेत्र के वार्डों में भी पेयजल की आपूर्ति बाधित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने नगर निगम में शामिल 35 पंचायतों के पंप ऑपरेटरों के वेतन भुगतान की कार्रवाई भी 15 दिन में करने के निर्देश दिए। उन्होंने अमृत परियोजना के तहत भी पेयजल के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को तेजी के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए।

प्रभारी मंत्री ने समग्र स्वच्छता अभियान की समीक्षा के दौरान कहा है कि स्वच्छता के क्षेत्र में ग्वालियर नं. 1 बने, इसके लिये स्वच्छता को जन अभियान बनाया जाए। इस अभियान से जन – जन को जोड़ने के लिये समाज के विभिन्न वर्गों से चर्चा कर स्वच्छता अभियान से उन्हें जोड़ें। उन्होंने यह भी कहा कि ग्वालियर के एक दल को इंदौर शहर देखने के लिये भेजा जाए। इंदौर स्वच्छता में एक बार नहीं बल्कि 4 बार देश का स्वच्छ शहर होने का गौरव प्राप्त कर चुका है। इंदौर में किस प्रकार से स्वच्छता के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है उसको यहां का दल देखे और इंदौर की तर्ज पर ही ग्वालियर को भी स्वच्छता के क्षेत्र में श्रेष्ठ बनाने के लिये पूरी शिद्दत के साथ कार्य किया जाए।

तुलसीराम सिलावट ने पर्यावरण संरक्षण के लिये अधिक से अधिक वृक्षारोपण की बात भी कही। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण जिले में पौधरोपण का एक महाअभियान चलाया जाए। इस अभियान में सभी को जोड़कर बड़ी संख्या में पौधरोपण का कार्य हाथ में लिया जाए। इसके लिये जनप्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा कर अभियान को सफल बनाने की दिशा में कार्य किया जाए।

प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों को पाँच माह का जो नि:शुल्क खाद्यान्न उपलब्ध करराया जा रहा है उसका वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। हर पात्र व्यक्ति को नि:शुल्क 5 माह का खाद्यान्न मिले, यह सुनिश्चित करें। खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी करने वालों को जेल भेजने की कार्रवाई की जाए। गरीबों के खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त न की जाए।

सिलावट ने बैठक में शहर के विभिन्न बांधों के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वीरपुर, हनुमान बांध को पुनर्जीवित करने की दिशा में कार्य किया जाए। बांधों पर जो अतिक्रमण है उसको हटाने के लिये कार्रवाई जिला प्रशासन एवं नगर निगम करे।

राज्य मंत्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि नगर निगम शहर के वार्डों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र के वार्डों पर भी विशेष ध्यान दे। इन वार्डों में पेयजल वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाए। जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ आम लोगों को समय पर मिले, यह हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।

क्षेत्रीय सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने बैठक में कहा कि कचरा प्रबंधन की दिशा में तेजी के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। ग्वालियर में पेयजल आपूर्ति के लिए ककैटो, पहसारी से पानी लाने की जो योजना है उसको शीघ्रता से अमल में लाना जरूरी है। पेयजल संकट को देखते हुए उक्त कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता से निगम करे ताकि लोगों को पेयजल की समस्या न आए।

एक हजार बिस्तर के अस्पताल का अवलोकन

प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने ग्वालियर भ्रमण के दौरान गुरुवार को एक हजार बिस्तर के अस्पताल के निर्माण कार्य का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा है कि कोविड-19 की तीसरी लहर की संभावनाओं को देखते हुए 500 बैड का अस्पताल तैयार करने का कार्य 31 अगस्त तक किया जाए। एक हजार बिस्तर के निर्माण के कार्य को पूरी गति के साथ किया जाए ताकि न केवल ग्वालियर बल्कि ग्वालियर अंचल के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधायें उपलब्ध हो सकें।

प्रभारी मंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि एक हजार बिस्तर के अस्पताल के निर्माण के पशचात चिकित्सक, पैरामेडीकल स्टाफ एवं अन्य स्टाफ की जो आवश्यकता पड़ेगी उसका विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेजें ताकि उस पर शीघ्रता से स्वीकृति और कार्रवाई हो सके।

 

डेस्क रिपोर्ट

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