आदिवासी जिलों से अनाथ बच्चों की चोरी के मामले पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

भोपाल, 11 जुलाई । मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने रायपुर के अनाथ आश्रम से मप्र के बच्चों के बरामद होने और उनकी चोरी के मामले में सरकार पर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश में कोरोना महामारी से अनाथ हुए बच्चों का अभी रिकॉर्ड भी तैयार नहीं हो पाया है और उनकी मानव तस्करी शुरू हो गई है? मध्यप्रदेश के लिए इससे ज्यादा कलंकपूर्ण कोई घटना नहीं हो सकती।

भूपेंद्र गुप्ता ने रविवार को अपने बयान में कहा कि रायपुर के एक कथित अवैध बालगृह ‘लाइफ शो फाऊंडेशन ‘ से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा छुड़ाये गए 20 बच्चे, मध्य प्रदेश के बैतूल और मंडला जिले के हैं। इन 20 बच्चों में ज्यादातर कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चे हैं जिन्हें इस बाल गृह में पकड़ा गया है। भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कि चकित करने वाली बात है कि हमारे मुख्यमंत्री ने तो अनाथ बच्चों को गोद लेने की घोषणा की थी, फिर ये बच्चे उनकी गोद से चोरी कैसे हो गए ?क्या इसी तरह सरकार बच्चों को गोद लेती हैं ?

कांग्रेस नेता ने इस बात की तत्काल जांच करने की मांग की है कि कहीं आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों को मानव तस्करी का शिकार तो नहीं बनाया जा रहा है। यह सारे बच्चे वैतूल और मंडला आदिवासी जिलों के ही हैं और इन कथित गिरोहों को अगर इतनी आसानी से बच्चे मिल रहे हैं, तो इन जिलों के कलेक्टर क्या कर रहे हैं? इन्हें तत्काल दंडित क्यों नहीं किया जा रहा है? भूपेंद्र गुप्ता ने मध्य प्रदेश सरकार के लोकप्रियतावाद के इवेंट्स की निंदा करते हुए कहा कि सरकार केवल अखबारों में छवि बनाने के लिए काम कर रही है। जमीन पर हालात इतने बदतर हैं कि सरकार की गोद से बच्चे चोरी हो रहे हैंऔर उसे पता भी नहीं।

उन्होंने कहा महज 20 दिन पहले उठाये गये इन बच्चों को सुरक्षा में मध्यप्रदेश लाया जाये और जिन जिलों के बच्चे चोरी हुये हैं उनके कलेक्टर ,एसपी हटाये जायें, ताकि आदिवासी समाज में सुरक्षा का वातावरण बने।

डेस्क रिपोर्ट

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