कोरोना से मृत लोगों के प्रमाण पत्र पर नहीं लिखा जा रहा मौत का कारण

उज्जैन, 15 जुलाई ।प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना से मृत्यु होने पर एक लाख रू. की आर्थिक सहायता पीडि़त परिवार को देने के निर्णय के बाद जिला हॉस्पिटल में कोरोना से मृत लोगों के परिजन पहुंच रहे हैं।

उन्हें जो प्रमाण पत्र दिया जा रहा है,उसमें मृत्यु की पुष्टि की जा रही है, लेकिन यह नहीं लिखा जा रहा है कि मृत्यु कोरोना से हुई। जब परिजन यह कहते हैं कि कोरोना से मृत्यु हुई थी,वह तो लिखो? जवाब आता है: मुख्यमंत्री ने कहा है कि मृत्यु प्रमाण पत्र पर कारण नहीं लिखा जाएगा। ऐसे में हम कुछ नहीं कर सकते।

जिला अस्पताल और शा.माधवनगर सहित जिले की तहसीलों में स्थित शासकीय हॉस्पिटल में कोरोना पॉजीटिव्ह होकर मरे लोगों के परिजन भटक रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना से मृत्यु होने पर ही सरकार सहायता देगी। लेकिन मृत्यु प्रमाण पत्र पर कोरोना से मृत्यु हुई,ऐसा नहीं लिखा हुआ है। वे कैसे सिद्ध करें कि मृत्यु कोरोना से हुई। उनके अनुसार वे जब मोबाइल पर पॉजीटिव्ह होने का एसएमएस दिखाते हैं तो कहा जाता है कि बाद में निगेटिव्ह हो गए थे ओर निगेटिव्ह होकर मृत्यु हुई।

इसीलिए कोरोना के दैनिक बुलेटिन में नाम नहीं आया। यही कारण है कि लोगों में उहापोह की स्थिति है। रोजाना कई लोग शा.माधवनगर और जिला अस्पताल पहुंचकर मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ कोरोना से मृत्यु होने का प्रमाण पत्र लेने के लिए भटकने को मजबूर है। इनका कहना है कि कोई भी स्पष्ट स्थिति बताने के लिए तैयार नहीं है।

इनका कहना है

इस संबंध में चर्चा करने पर सिविल सर्जन डॉ.पी.एन. वर्मा ने कहा कि वे आउट ऑफ सिटी हैं। आने के बाद चर्चा कर सकेंगे। वहीं, सीएमएचओ डॉ.महावीर खण्डेलवाल ने कहा कि हमारे पास शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि मृत्यु प्रमाण पत्र में कारण नहीं लिखा जाएगा। ऐसे में हम कुछ नहीं कर सकते हैं।

डेस्क रिपोर्ट

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