MP : BJP नेता ने जमीन में कब्जा करने के लिए की पुलिसकर्मी से मारपीट

छतरपुर, 11 नवंबर (हि.स.)। मध्यप्रदेश (MP) के छतरपुर में आने वाले ओरछा रोड थाना पुलिस द्वारा विगत रोज डायल 100 के पुलिसकर्मी अर्जुन आदिवासी से शासकीय कार्य के दौरान मारपीट करने के मामले में भाजपा नेता दिग्विजय त्रिपाठी के विरूद्ध धारा 353, अनुसूचित जाति जनजाति एक्ट के तहत 323, 294, 506 का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। इस मामले में गुरूवार को दिग्विजय त्रिपाठी सहित दो अन्य आरोपियों को विशेष न्यायाधीश की अदालत ने 25 नवंबर तक के लिए जेल भेज दिया है। उल्लेखनीय है कि थाना क्षेत्र के सौंरा के समीप एक जमीन पर दो पक्ष अपना स्वामित्व जता रहे हैं। इसी जमीन पर विगत रोज एक पक्ष की ओर से दिग्विजय त्रिपाठी के द्वारा मारपीट करने के आरोप लगाए गए थे। इस मामले को लेकर गुरूवार को भी काफी हंगामा चलता रहा।

गुरूवार को इस मामले में दोनों पक्ष पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। एक पक्ष की ओर से ज्ञानू अग्रवाल व अग्रवाल समाज के 50 से अधिक लोग ज्ञापन लेकर मध्यप्रदेश (MP) के छतरपुर में आने वाले ओरछा एसपी कार्यालय गए। यहां श्रीमती ज्ञानू अग्रवाल ने बताया कि सौंरा के समीप उनके पति विजय अग्रवाल के नाम पर खेती की जमीन पड़ी है। इस जमीन पर गनेश राजपूत, गोकुल राजपूत, वीरेन्द्र दुबे, लखन दुबे, सुरेश दुबे एवं दिग्विजय त्रिपाठी के द्वारा पिछले दो वर्षों से जबरन कब्जे की कोशिश की जा रही है। बीते रोज दिग्विजय त्रिपाठी जमीन पर लगे खंभे उखाडऩे लगे और यहां जेसीबी चलवाने लगे तभी ज्ञानू अग्रवाल अपने बेटे के साथ उनका विरोध करने पहुंची। उन्होंने विवाद को बढ़ता देख डायल 100 MP पुलिस को बुलाया और बताया कि उक्त जमीन पर चल रहे विवाद के कारण हाईकोर्ट का स्थगन है इसके बाद भी दिग्विजय त्रिपाठी द्वारा किए जा रहे समतलीकरण को रोका नहीं जा रहा है।

पुलिस ने जब दिग्विजय त्रिपाठी को रोकने की कोशिश की तो भाजपा नेता व दो अन्य लोगों ने डायल 100 में आए पुलिसकर्मी अर्जुन आदिवासी के साथ भी मारपीट कर दी। इतना ही नहीं ज्ञानू अग्रवाल का कहना है कि दिग्विजय त्रिपाठी ने उनका हाथ पकड़कर उन्हें एवं बेटे को भी पीट डाला। इस मामले में वे थाने पहुंची लेकिन पुलिस ने अपने पुलिसकर्मी के साथ हुई मारपीट पर एफआईआर दर्ज कर ली लेकिन महिला की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। अग्रवाल समाज के पदाधिकारियों ने एसपी सचिन शर्मा को ज्ञापन सौंपकर मांग उठाई है कि महिला की रिपोर्ट पर भी दिग्विजय त्रिपाठी के विरूद्ध मामला दर्ज किया जाए।

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इस मामले में जमीनी विवाद के दूसरे पक्ष राजपूत परिवार ने भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा है। गणेश प्रसाद राजपूत की पुत्री ममता राजपूत ने MP पुलिस अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन में बताया कि ग्राम सौंरा हल्का में मौजूद उक्त जमीन हमारी है जिस पर पहाड़ का पानी एवं गांव के निस्तार का पानी भर रहा है। ज्ञानू अग्रवाल ने एक नाले को पुरवा दिया है जिसके कारण पानी निकल नहीं पा रहा। वे लोग जेसीबी की मदद से पानी निकालने के लिए जगह समतल कर रहे थे तभी श्रीमती ज्ञानू अग्रवाल ने अपने बेटे के साथ पहुंचकर पहले ममता राजपूत से गाली-गलौच की एवं फिर 100 नंबर लगाकर MP पुलिस बुला ली। डायल 100 से आए प्रधान आरक्षक अर्जुन आदिवासी शराब के नशे में धुत थे। उन्होंने ज्ञानू अग्रवाल के प्रभाव में आकर ममता राजपूत को लाठी मार दी।

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जब दिग्विजय त्रिपाठी, विवेक नायक एवं गणेश राजपूत ने पुलिसकर्मी को रोका तो उन्होंने वायरलेस पर अपने साथ मारपीट की झूठी कहानी प्रसारित कर दी और तीनों लोगों पर झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। ममता राजपूत ने कहा कि मुझे ज्ञानू अग्रवाल और उनके बेटे व अर्जुन आदिवासी के द्वारा लाठी से पीटा गया है लेकिन इस मामले में ओरछा रोड थाना MP पुलिस ने कोई एफआईआर नहीं की है।

इनका कहना उक्त मामले में पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की एफआईआर दर्ज की गई है एवं आरोपियों को पकड़ा गया है। अन्य शिकायतों पर भी जांच कराई जाएगी। सचिन शर्मा, एसपी छतरपुर

डेस्क रिपोर्ट

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