लंबे समय बाद खजुराहो में दिखे विदेशी सैलानी, फ्रांस से आये युगल पर्यटकों को गाइड ने साइडसीन कराया

कोरोना महामारी के चलते लंबे समय बाद शनिवार को पर्यटन नगरी में विदेशी सैलानी देखने को मिले। खजुराहो के प्रसिद्ध फ्रेंच गाइड बलवीर गौतम ने फ्रांस से आये युगल पर्यटकों को पश्चिमी मंदिर समूह के स्मारकों का साइडसीन कराया।

छतरपुर, 06 नवंबर । कोरोना महामारी के चलते लंबे समय बाद शनिवार को पर्यटन नगरी में विदेशी सैलानी देखने को मिले। खजुराहो के प्रसिद्ध फ्रेंच गाइड बलवीर गौतम ने फ्रांस से आये युगल पर्यटकों को पश्चिमी मंदिर समूह के स्मारकों का साइडसीन कराया।

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गाइड गौतम ने बताया कि लगभग दो वर्ष बाद बाद उन्होंने विदेशी पर्यटकों को मंदिर का अवलोकन कराया है। उन्होंने बताया कि उक्त पर्यटक फ्रांस के हैं, जो दिल्ली स्थित भारतीय दूतावास में कार्यरत हैं। गौरतलब है कि पर्यटन नगरी खजुराहो में वर्ष 2020 तथा 2021 में कोरोना महामारी के चलते विदेशी पर्यटकों का आना बंद रहा। अब हालात सामान्य होने के बाद एक बार फिर विदेशी पर्यटकों का आना शुरु हुआ है।

लंबे समय बाद खजुराहो में दिखे विदेशी सैलानी, फ्रांस से आये युगल पर्यटकों को गाइड ने साइडसीन कराया
लंबे समय बाद खजुराहो में दिखे विदेशी सैलानी, फ्रांस से आये युगल पर्यटकों को गाइड ने साइडसीन कराया

 

खजुराहो मंदिर भारतीय कला के सबसे महत्वपूर्ण नमूनों में से एक हैं। हिंदू और जैन मंदिरों के इन सेटों को आकार लेने में लगभग सौ साल लगे। मूल रूप से 85 मंदिरों का एक संग्रह, संख्या 25 तक नीचे आ गई है। एक यूनेस्को विश्व विरासत स्थल, मंदिर परिसर को तीन क्षेत्रों में विभाजित किया गया है: पश्चिमी, पूर्वी और दक्षिणी। पश्चिमी समूह में अधिकांश मंदिर हैं, पूर्वी में नक्काशीदार जैन मंदिर हैं जबकि दक्षिणी समूह में केवल कुछ मंदिर हैं।

लंबे समय बाद खजुराहो में दिखे विदेशी सैलानी, फ्रांस से आये युगल पर्यटकों को गाइड ने साइडसीन कराया
लंबे समय बाद खजुराहो में दिखे विदेशी सैलानी, फ्रांस से आये युगल पर्यटकों को गाइड ने साइडसीन कराया

पूर्वी समूह के मंदिरों में जैन मंदिर चंदेला शासन के दौरान क्षेत्र में फलते-फूलते जैन धर्म के लिए बनाए गए थे। पश्चिमी और दक्षिणी भाग के मंदिर विभिन्न हिंदू देवी-देवताओं को समर्पित हैं। इनमें से आठ मंदिर विष्णु को समर्पित हैं, छह शिव को, और एक गणेश और सूर्य को जबकि तीन जैन तीर्थंकरों को हैं। कंदरिया महादेव मंदिर उन सभी मंदिरों में सबसे बड़ा है, जो बने हुए हैं

डेस्क रिपोर्ट

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