शिवराज के राज में मंत्री कौन ?

भोपाल – बीते तीन सप्ताह से जारी सियासी उठापटक का आज पटाछेप होने जा रहा है भाजपा के विधायक दल ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को विधायक दल का नेता चुन लिया और आज 9 बजे सादे समारोह के दौरान राजभवन में सपथ लेकर चौथी बार मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बनेगे

अब मंत्री पद की दौड़

विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद

सियासी घमासान के दौरान नेताओ और विधायकों की कैसी भागमभाग हुई थी ये तो सब को याद है अब इस भागमभाग के पटाछेप के बाद मंत्री कौन कौन बनेगा इसकी दौड़ भी सुरु होगी क्योकि इसके लिए भी लड़ाई तगड़ी होने वाली है वजह वो 22 विधायक है जिन्होंने अपनी विधायकी गवा कर प्रदेश में वापस कमल खिलाया है और सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया जिन्होंने कांग्रेस का किला तास के पत्तो की तरह बिखेर दिया उनके लोगो को भी खुस रखना पार्टी की मज़बूरी होगी सिंधिया समर्थक 22 विधायक में से छह कमलनाथ सरकार की कैबिनेट में मंत्री थे इनका इस बार भी मंत्री बनना तय है इनमें इमरती देवी, प्रद्युमन सिंह तोमर, महेंद्र सिसोदिया, गोविंद राजपूत, तुलसी सिलावट, प्रभु राम चौधरी, इसके अलावा बिसाहू लाल सिंह, इंदर सिंह, कंसाना हरदीप सिंह डंग और राज्यवर्धन सिंह मंत्री बनने की शर्त पर ही भाजपा में शामिल हुए हैं

भाजपा की भी लम्बी लिस्ट

इसके अलावा अगर भाजपा की बात करें तो यहां लिस्ट और भी लंबी है मंत्री बनने की लिस्ट में नरोत्तम मिश्रा, राजेंद्र शुक्ला, अरविंद भदौरिया, यशोदा राजे सिंधिया, प्रदीप लारिया, शैलेंद्र जैन, भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव, बृजेंद्र प्रताप सिंह, जुगल किशोर बागरी, नारायण त्रिपाठी, गिरीश गौतम, केदारनाथ शुक्ला, संजय पाठक, अजय विश्नोई, कमल पटेल, सीताशरण शर्मा, सुरेंद्र पटवा, करण सिंह, गायत्री राजे पवार, नीना वर्मा, रमेश मेंदोला, महेंद्र हार्डिया, मालिनी गौड़, पारस चंद, मोहन यादव, यशपाल सिसोदिया, जगदीश देवड़ा और ओमप्रकाश सकलेचा जैसे नाम है इसके अलावा बसपा के संजू कुशवाहा और रामबाई साथ ही सपा के राजेश शुक्ला भी मंत्री बनने के लिए ही बीजेपी में शामिल हुए हैं इस लिहाज से कहा जा सकता है कि यहां असंतोष बनना स्वभाविक है अभी इनमें निर्दलीय विधायकों के नाम शामिल नहीं हैं

विंध्य का क्या होगा

प्रदेश के विंध्य से जिस तरह कमल मजबूत हुआ है उससे यहाँ के नेताओ समेत आम जनता को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए चुरहट से शरतेंदु ने जिसतरह से कांग्रेस के दिग्गज नेता को हराया उसने साफ़ कर दिया की यहाँ कमल की लहर तेज रही इसके अलावा सिंगरौली से रामलल्लू वैश्य काफी सीनियर विधायक है रीवा और सतना जिले का मैहर भी मंत्रियो की दौड़ में दौड़ने वाले है हालांकि ये अभी भविष्य में है जब तक कोरोना है तब तक सायद ये दौड़ गुपचुप ही रहेगी

डेस्क रिपोर्ट

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