विधायक नारायण त्रिपाठी और मंन्त्री भूपेंद्र की मुलाकात के सियासी मायने

भोपाल 7 नवम्बर । आने वाली 10 तारीख को 28 सीटों में हुए उप चुनाव में जनता ने किसे जनादेश दिया है यह सब हो जाएगा और यहां की तस्वीरें स्पष्ट हो जाएगी कि सत्ता का सिंहासन किसके पक्ष में रहेगा कौन सत्ता का सुख कौन भोगेगा और कौन विपक्ष में बैठेगा लेकिन इसके पहले बीजेपी के चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक और मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बसपा और निर्दलीय विधायकों से मुलाकात कर सूबे की राजनीति का पारा चढ़ा दिया है लेकिन सबसे खास बात यह रही कि बंद कमरे में हुई मुलाकात में बीजेपी विधायक नारायण नारायण त्रिपाठी भी शामिल रहे

मुलाकात के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए नारायण त्रिपाठी ने कहा कि मैं भाजपा में था और भाजपा में ही रहूंगा भूपेंद्र पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं मुलाकात होती रहती है वही भूपेंद्र सिंह ने नारायण त्रिपाठी को लेकर कहा कि सामान्य मुलाकात थी नारायण त्रिपाठी कर्मठ कार्यकर्ता हैं और भाजपा बहुत बड़े बहुमत के साथ सरकार में रहेगी भले ही बीजेपी इस मुलाकात को औपचारिक बता रही हो लेकिन चुनावी नतीजों से ठीक पहले हुई इस बैठक के कई मायने निकाले जा रहे हैं

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मुलाकात से सियासी हलचल बढ़ी हुई है इसे परिणामों से पहले फील्डिंग जमाने का आधार माना जा रहा है क्योंकि बसपा निर्दलीय विधायकों के साथ नारायण त्रिपाठी का भूपेंद्र सिंह के साथ बंद कमरे में मुलाकात करना कई मायने बयां कर रही है क्योंकि पिछले साल नारायण त्रिपाठी ही वह विधायक थे जिन्होंने विधानसभा में एक बिल पर वोटिंग के दौरान कांग्रेस का समर्थन किया था

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इतना ही नहीं बीते मार्च में भी जब मध्य प्रदेश में सियासी उठापटक चल रही थी तब नारायण त्रिपाठी कई बार तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ के घर देखे गए थे उनके लगातार कांग्रेश से संपर्क की बातें सामने आ रही थी माना जा रहा था कि वह कांग्रेस को समर्थन दे सकते हैं लेकिन ऐसा हुआ नहीं अब नतीजों और गेम नंबर से पहले मंत्री जी की त्रिपाठी से मुलाकात होने के कई मायने राजनीतिक जानकार निकाल रहे हैं

डेस्क रिपोर्ट

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